माघ मेला 2026 के लिए इलेक्ट्रिक शटल बसें, प्रयागराज मेला क्षेत्र के लिए विशेष परिवहन सुविधा
प्रयागराज का माघ मेला हर साल लाखों श्रद्धालुओं का संगम स्थल बनता है, जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का पवित्र त्रिवेणी संगम लोगों को मोक्ष की प्राप्ति का आशीर्वाद देता है। 2026 में आयोजित होने वाले इस मेले को
और भी भव्य बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
हाल ही में प्रयागराज दौरे के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मेले से जुड़े सभी प्रमुख कार्यों को 15 दिनों के अंदर पूरा किया जाए। इस बार मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा,
यानी कुल 44 दिनों की अवधि में करोड़ों भक्तों का आगमन होने का अनुमान है। मेला क्षेत्र में करीब 4900 संस्थाओं के आने की उम्मीद की जा रही है। भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 2.8 किलोमीटर लंबा घाट विकसित किया जा रहा है।
समतलीकरण का कार्य 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है,
जबकि मुख्य मार्गों का चिह्नांकन भी कर लिया गया है। शौचालयों, टेंटों और भूमि आवंटन का काम तेजी से चल रहा है, जो 15 दिसंबर तक अंतिम रूप ले लेगा। ये व्यवस्थाएं न केवल मेले को सुगम बनाएंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
शटल बस सेवा: महाकुंभ की तर्ज पर आसान आवागमन
माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी समस्या यातायात की रही है। इसे दूर करने के लिए महाकुंभ की तर्ज पर शटल बस सेवा शुरू की जा रही है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम
(UPSRTC) चारों दिशाओं से—धूमनगंज, नैनी, झूंसी और फाफामऊ—सीधे मेला क्षेत्र तक 75 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करेगा।
रेलवे ने भी अपनी ओर से प्रयास तेज कर दिए हैं। कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन अब प्रयागराज जंक्शन के बजाय सूबेदारगंज, फाफामऊ और छिवकी स्टेशनों से किया जाएगा। इससे शहर से मेला क्षेत्र तक का सफर आसान हो जाएगा।
कल्पना कीजिए, दूर-दराज से आए भक्त बिना किसी झंझट के संगम तट पर पहुंच सकेंगे।
ये सुविधा न केवल समय बचाएगी, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मददगार साबित होगी, क्योंकि इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण-अनुकूल हैं।
बिजली और जल व्यवस्था: आधुनिक तकनीक का कमाल
मेला क्षेत्र को रोशन करने के लिए बिजली विभाग ने बड़ा प्लान तैयार किया है।
75 हजार शिविरों में बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे
जबकि 25 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। इनमें से 755 लाइटें पहले ही स्थापित हो चुकी हैं।
इसके अलावा, 500 हाईब्रिड सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगेंगी, जिनका कार्य प्रगति पर है।
सबसे रोचक सुविधा है बिजली खंभों पर क्यूआर कोड लगाना। महाकुंभ की तरह यहां भी 21,917
बिजली खंभों पर ये कोड चस्पा किए जाएंगे।
श्रद्धालु मोबाइल से कोड स्कैन कर अपनी सटीक लोकेशन जान सकेंगे। अगर रास्ता भटक जाएं, तो तुरंत मदद मिल जाएगी।
साथ ही, बिजली की कोई खराबी हो तो उसी कोड से शिकायत दर्ज की जा सकेगी, जिससे टीम फौरन पहुंचेगी।
मुख्य अभियंता राजेश कुमार के अनुसार, ये तकनीक मेले को स्मार्ट बनाएगी।
जल व्यवस्था में भी कोई कमी नहीं रहेगी। जल निगम द्वारा 17 नलकूप लगाए जा रहे हैं,
जिनमें से दो तैयार हैं। 10 वाटर एटीएम का प्रस्ताव है, जिसमें तीन लग चुके हैं।
एक एसटीपी प्लांट भी बनाया जा रहा है। प्यासे श्रद्धालुओं को साफ पानी मिलना सुनिश्चित होगा।
भंडारे, पार्किंग और दिशा-निर्देशक: श्रद्धालुओं की हर सुविधा
थके-हारे भक्तों के लिए पार्किंग क्षेत्र के पास ही भंडारों की व्यवस्था की जा रही है।
इससे उन्हें आराम मिलेगा और भोजन की आसानी होगी। दिशा-निर्देशकों की संख्या और आकार बढ़ाया जा रहा है, ताकि कोई भटके नहीं।
मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की भी भरमार होगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों से प्रेरित होकर प्रशासन हर मोर्चे पर सतर्क है। ये मेला न केवल धार्मिक आयोजन होगा,
बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा। अगर आप प्रयागराज जा रहे हैं,
तो इन सुविधाओं का लाभ उठाएं। माघ मेला 2026 आपके जीवन में नई ऊर्जा भर देगा।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करें।