प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में ड्रग्स नेटवर्क और आतंकवाद के खतरनाक गठजोड़ यानी ड्रग-टेरर नेक्सस को खत्म करने के लिए एक ठोस और प्रभावशाली वैश्विक पहल का प्रस्ताव रखा है। इस बैठक में उन्होंने बताया कि फेंटानिल जैसी खतरनाक ड्रग्स का प्रसार न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट है, बल्कि यह सामाजिक स्थिरता एवं वैश्विक सुरक्षा को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसके अतिरिक्त, ड्रग्स की काली कमाई आतंकवाद का वित्तीय स्रोत बन चुकी है, जो देश-दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है।
प्रधानमंत्री ने G20 देशों के बीच इस चुनौती से लड़ने के लिए समन्वित और संयुक्त रणनीति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके प्रस्ताव के अनुसार, ड्रग तस्करी, आतंकवाद वित्त पोषण और खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई को रोकने के लिए वित्त, शासन और सुरक्षा से जुड़े सभी उपकरणों को एक साथ लाकर काम किया जाना चाहिए। उन्होंने G20 के अंतर्गत एक समर्पित टीम बनाने का सुझाव दिया है, जो ड्रग-टेरर नेक्सस को कमजोर करने की दिशा में काम करेगी। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य संकटों से निपटने के लिए एक ग्लोबल हेल्थ रिस्पांस टीम बनाने का भी प्रस्ताव रखा जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इस पहल से भारत अपने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ड्रग्स के खिलाफ कड़े कदम उठा रहा है, जिसमें 2024 में जब्ती की गई ड्रग्स की मात्रा में काफी वृद्धि देखी गई है और नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई हुई है। इस योजना का उद्देश्य न केवल भारत बल्कि विश्व स्तर पर युवा पीढ़ी को सुरक्षित करना और सामाजिक स्थिरता बनाए रखना है।इस सन्दर्भ में तैयार किया गया हैडलाइन और विस्तृत लेख निम्नलिखित हैं
विस्तृत लेख (संक्षिप्त)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 शिखर सम्मेलन के मंच से वैश्विक ड्रग एवं आतंकवाद के रिश्ते, जिन्हें ड्रग-टेरर नेक्सस कहा जाता है, पर कड़ी चोट लगाने की आवश्यक पहल की बात कही। उन्होंने बताया कि फेंटानिल जैसे खतरनाक ड्रग्स की बढ़ती तस्करी सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। मोदी जी के मुताबिक, यह ड्रग्स से होने वाली कमाई आतंकवाद के लिए बड़ा वित्तीय स्रोत है, जिससे दुनिया भर की सुरक्षा को खतरा है।
मोदी ने इसका मुकाबला करने के लिए G20 देशों के बीच वित्त, शासन और सुरक्षा जैसे विभिन्न उपकरणों को समेकित करने के लिए एक समर्पित टीम बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने ऐसी टीम बनाने का सुझाव दिया जो ड्रग-टेरर नेक्सस को पूरी ताकत से चुनौती दे और उसके नेटवर्क को कमजोर करे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य संकटों के लिए एक हेल्थ रिस्पांस टीम बनाने की भी वकालत की, जो आपात स्थितियों में तुरंत तैनात की जा सके।
भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है। 2024 में जब्ती की गई ड्रग्स की मात्रा में 55% की वृद्धि हुई है, जिससे ड्रग तस्करों और उनके वित्तीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पीएम मोदी ने जोर दिया कि विश्व समुदाय को इस वैश्विक खतरे का सामना करना होगा, तभी सुरक्षित और स्थिर समाजों का निर्माण संभव होगा।
यह पहल न केवल भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है, बल्कि पूरे विश्व को नशे और आतंकवाद के खतरनाक गठजोड़ से लड़ने में एकजुट होने का आह्वान भी करती है। मॉडर्न वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 शिखर सम्मेलन में ड्रग-टेरर नेक्सस के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने फेंटानिल जैसी खतरनाक ड्रग्स के प्रसार और ड्रग्स से जुड़ी आतंकवाद वित्तपोषण को रोकने के लिए समन्वित रणनीति लागू करने पर बल दिया। मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त करने और ड्रग तस्करों के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई के साथ, भारत ने इस खतरे से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग की पहल की है। यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी निर्णायक साबित होगा।