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गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेमेस्टर एग्जाम की शुरुआत, कुशीनगर से देवरिया तक बनाए गए परीक्षा केंद्रगोरखपुर। दीक्षाभूमि गोरखपुर विश्वविद्यालय (डी. डी. यू. यूनिवर्सिटी) के स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों के सेमेस्टर परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस बार की सेमेस्टर परीक्षाएं दिसंबर के पहले सप्ताह से शुरू होने जा रही हैं। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि सभी संलग्न कॉलेजों को परीक्षा की पूरी रूपरेखा भेज दी गई है ताकि समय से तैयारियां पूरी की जा सकें।विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक सेमेस्टर परीक्षाओं का आयोजन 3 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होगा और चरणबद्ध तरीके से 28 दिसंबर तक संपन्न होगा
इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर के अलावा गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर जिलों के दर्जनों संबद्ध कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। लगभग एक लाख से अधिक विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे।गोरखपुर जिले में डी.डी.यू. विश्वविद्यालय सहित एम.एम.एम. कॉलेज, राजकीय महिला महाविद्यालय, सेंट एंड्रूज कॉलेज, बुद्ध पी.जी. कॉलेज, कृषि महाविद्यालय समेत करीब 40 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है।

शहर के कॉलेजों में परीक्षा के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक ने सभी प्रिंसिपलों को केंद्र पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।कुशीनगर जिले में तमकुहीराज, पडरौना, कप्तानगंज और फाजिलनगर क्षेत्र के प्रमुख कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इनमें बी.एम.एस. कॉलेज, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पडरौना, हिन्दू इंटर कॉलेज, जनसहयोग महिला महाविद्यालय जैसे संस्थान शामिल हैं।
इन केंद्रों पर स्थानीय स्तर पर निरीक्षण दल की टीम भेजी जाएगी, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी माहौल में पूरी हो।देवरिया जिले के पथरदेवा, बनकटा, सलेमपुर और भाटपार रानी इलाकों के कॉलेज भी इस सूची में शामिल हैं। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवरिया, रुद्र प्रताप पी.जी. कॉलेज, के.एल. शास्त्री कॉलेज, और एस.एम.पी.जी. कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
विश्वविद्यालय ने यह भी तय किया है कि सभी बाहरी जिलों के केंद्रों पर प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित ढुलाई के लिए विशेष वाहन और सुरक्षा व्यवस्था दी जाएगी।परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस बार यूनिवर्सिटी ऑनलाइन एडमिट कार्ड प्रणाली लागू कर रही है। विद्यार्थी 25 नवंबर से विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।
एडमिट कार्ड पर परीक्षा तिथि, समय, विषय कोड और परीक्षा केंद्र की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होगी। विश्वविद्यालय ने कहा है कि बिना फोटो और कॉलेज सील के एडमिट कार्ड मान्य नहीं होगा।परीक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सहयोग लिया जा रहा है।
सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही फ्लाइंग स्क्वाड और विशेष पर्यवेक्षक दल गठित किए गए हैं, जो परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने का कार्य करेंगे। यदि किसी परीक्षा केंद्र पर नकल या अनुशासनहीनता की शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।गोरखपुर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, इस परीक्षा में बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम., एम.ए., एम.एससी., एम.कॉम. और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल होंगे।
यह परीक्षा ओ.बी.सी., एस.सी., एस.टी. और सामान्य वर्ग के सभी विद्यार्थियों के लिए संयुक्त रूप से आयोजित होगी। विश्वविद्यालय की यह कोशिश है कि किसी छात्र का कोई सेमेस्टर बचे नहीं, ताकि अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत समय पर हो सके।कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि इस बार परीक्षा में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की शुरुआत भी की जा रही है।
परीक्षाओं के बाद सभी उत्तर पुस्तिकाएं डिजिटल स्कैन कर मूल्यांकन केंद्र भेजी जाएंगी। इससे परिणाम जल्दी जारी करने में सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय लक्ष्य रख रहा है कि जनवरी के तीसरे सप्ताह तक सभी परिणाम घोषित कर दिए जाएं।विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वे विद्यार्थियों को समय पर सूचना दें और आवश्यक मार्गदर्शन करें। यदि किसी छात्र को परीक्षा केंद्र या तिथि को लेकर कोई भ्रम हो तो वे तुरंत विश्वविद्यालय के हेल्पलाइन नंबर या संबंधित कॉलेज प्रशासन से संपर्क करें।
कुल मिलाकर, इस बार गोरखपुर विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाने का प्रयास किया है। छात्रों की सुविधा के लिए प्रश्नपत्रों की डिलेवरी से लेकर परीक्षा केंद्रों की निगरानी तक सभी व्यवस्थाएँ डिजिटल रूप से मॉनिटर की जाएंगी। गोरखपुर से लेकर कुशीनगर और देवरिया तक फैले इस परीक्षा तंत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यार्थी को समान और निष्पक्ष अवसर मिले।