मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर कहा है कि 2017 के बाद का नया उत्तर प्रदेश अपराधों को कतई बर्दाश्त नहीं करता। उन्होंने अपराधियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई भी अपराध करने की हिम्मत करता है तो उसे हर हाल में अपनी करनी की कीमत चुकानी पड़ेगी।
इस नए यूपी में अपराधियों को बचने की कोई गुंजाइश नहीं है और अपराधी जल्दी से पकड़े जाते हैं और सजा पाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई लूट या चोरी करता है तो अगली सुबह ही वह जेल में लंगड़ाते हुए दिखेगा।मुख्यमंत्री योगी ने यह बात गोरखपुर में एक आधुनिक फॉरेंसिक लैब के उद्घाटन के मौके पर कही।
उन्होंने बताया कि पिछले आठ वर्षों में राज्य में कानून-व्यवस्था सुधार के लिए 2,19,000 पुलिसकर्मी भर्ती किए गए हैं, जिनमें से हाल ही में 60,244 नए पुलिसकर्मी शामिल हुए हैं। इससे यूपी की पुलिस व्यवस्था बहुत मजबूत हुई है और अपराध नियंत्रण बेहतर हुआ है। अब प्रदेश में 17 नगर निगमों के साथ-साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा को सेफ सिटी बनाया गया है, जहां कुल 13 लाख से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं जो 24 घंटे सतर्कता बनाए रखते हैं।योगी आदित्यनाथ ने फॉरेंसिक साइंस लैब्स की भूमिका पर भी जोर दिया, बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल चार फॉरेंसिक लैब थीं लेकिन अब हर कमिश्नरी में यह सुविधा उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 12 लैब स्थापित हो चुकी हैं और छह नई निर्माणाधीन हैं।
इसके अलावा, प्रत्येक जिले में फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए मोबाइल वैन की सुविधा भी दी गई है, जिससे अपराध के कुछ ही घंटों में पुख्ता सबूत जमा किए जा सकें। फॉरेंसिक विज्ञान के आधुनिक प्रयोग से अपराधियों को बचने का कोई मौका नहीं मिलता।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2017 के पहले वह दौर समाप्त हो चुका है जब पीड़ित भटकता रहता था और अपराधी खुलकर घूमते रहते थे। अब यूपी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है, जो अपराधियों के लिए बिल्कुल कड़ी है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य संहिता 2023 को अपनाने के बाद फॉरेंसिक जांच की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
नए कानूनों के तहत सात वर्ष से अधिक दंड वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य की गई है।इसके अलावा, प्रदेश में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया जा चुका है और साइबर फॉरेंसिक को वैश्विक स्तर तक ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 2017 से अब तक 15,000 से अधिक पुलिस मुठभेड़ों में 257 दुर्दांत अपराधी मारे गए हैं, 10,000 से अधिक घायल हुए, साथ ही 1,745 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत हजारों अपराधियों पर कार्रवाई हुई है, जबकि भारी मात्रा में अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
सीएम योगी की यह साफ चेतावनी है कि नया उत्तर प्रदेश अपराधियों को बचाने वाला प्रदेश नहीं है, बल्कि अपराध करने वाले को सजा देने वाला है। अपराध नियंत्रण के लिए उन्होंने आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान, पुलिस फोर्स के विस्तार और सख्त कानूनी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इस नीति के चलते अपराधियों को चुनाव लड़ने जैसे राजनीतिक फायदे भी नहीं मिलेंगे, क्योंकि राज्य में अपराधियों को कटघरे में लाकर उनकी कीमत चुकाने पर ही छोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर सीएम योगी ने अपराधियों को बताया है कि उत्तर प्रदेश में अपराध कृषि की जमात नहीं है, और अपराध करने वाले अपराध की कीमत हमेशा चुकाएंगे।