मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक के बाद राजभवन जाकर राज्यपाल को औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपा है।
हालांकि, इस्तीफा देने के बावजूद वे नई सरकार बनने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की भारी जीत को “सुशासन की जीत” बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना की है।
मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह विकास और जन-कल्याण की भावना की जीत है। इस जीत को पाने वाली सरकार के लिए उन्होंने जनता का धन्यवाद भी किया है।
इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नीतीश कुमार ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण 20 नवंबर 2025 को पटना के गांधी मैदान में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं।
इस समारोह में कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे तथा नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।नीतीश कुमार को उनके समर्थक “सुशासन बाबू” के नाम से जानते हैं क्योंकि पिछले दो दशकों में उन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला उत्थान जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किए हैं।
चुनाव परिणाम और पीएम मोदी के बयान के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के दावे कि भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर दोबारा नहीं बैठाएगी, धराशायी हो गए हैं।संक्षेप में, नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया लेकिन फिर से मुख्यमंत्री बनने की राह पर हैं।
पीएम मोदी ने उनके नेतृत्व को मंजूरी दी है और 20 नवंबर को उनकी शपथ ग्रहण की कार्यक्रम तय है।इस पूरी प्रक्रिया में नीतीश कुमार की कैबिनेट ने विधानसभा को भंग करने की सिफारिश भी की है और नई सरकार के गठन को लेकर सभी तैयारियां चल रही हैं।