दिल्ली में हुए ब्लास्ट में देवरिया के भलुवनी थाना क्षेत्र के कपड़ा व्यवसायी शिवा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शिवा परिवार के इकलौते बेटे हैं, जिनके पिता का देहांत हो चुका है और माता कैंसर से पीड़ित हैं। शिवा 9 नवंबर की रात सामान लेने दिल्ली गए थे।
घायल होने की सूचना परिवार को टीवी समाचार से मिली, जिसके बाद वे दिल्ली पहुंचे। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में हैं और छावनी में आने-जाने वालों की सघन जांच कर रही हैं।देवरिया जिले में किसानों के लिए खाद की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर रोजाना निगरानी भी होगी।
जिले में 172 समितियों को खाद आवंटित किया गया है, जिसमें 1338 मीट्रिक टन एनपीके और 388 मीट्रिक टन डीएपी शामिल हैं। किसानों को खाद बुधवार तक समितियों के पास मिलने लगेगी जिससे रबी फसल की तैयारी में मदद मिलेगी।देवरिया में बुधवार को एक पशु तस्कर ने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया।
तस्कर ने दारोगा का पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तस्कर को गिरफ्तार कर लिया, जिसके पैर में गोली लगी। तस्कर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
इस मामले की जांच की जा रही है।देवरिया मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को 3500 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिससे आर्थो, मेडिसिन और ईएनटी विभागों में लंबी कतारें लगी रहीं। डेंगू के भी तेजी से मरीज बढ़ रहे हैं, जिनमें से 40 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।रुद्रपुर नगर में तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ हुआ जिसमें आचार्य प्रेम प्रकाश मिश्र ने विद्यारंभ संस्कार और माता-पिता के चरण छूने का महत्व बताया।
यज्ञ में श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या रही।देवरिया में हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों के सत्यापन का काम शुरू हो गया है।
जिलाधिकारी की समिति 15 नवंबर तक जिले के 555 विद्यालयों की आधारभूत जानकारी का भौतिक सत्यापन करेगी।संयुक्त पंचायत एवं निकाय प्रतिनिधि मोर्चा ने कलेक्ट्रेट में कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जिसमें पंचायत चुनावों के लिए पंचायत राज एक्ट लागू करने, जिला पंचायत सदस्यों के लिए मानदेय व पेंशन की व्यवस्था जैसी 14 मांगें शामिल थीं।
ये प्रमुख खबरें आज देवरिया की स्थिति और स्थानीय घटनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती हैं। इस प्रकार, देवरिया में सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनप्रतिनिधियों की मांगों को लेकर चल रही गतिविधियां प्रमुख हैं।