उत्तराखंड राज्य के गठन की रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं शिक्षा, सिंचाई, खेल, पेयजल, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, और कौशल विकास जैसे कई सेक्टरों से जुड़ी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत अन्य केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी में लगभग 8140 करोड़ रुपये की लागत वाली ये योजनाएं राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
मुख्य परियोजनाओं में जमरानी और सोंग बांध पेयजल परियोजनाएं, देहरादून जलापूर्ति कवरेज, पिथौरागढ़ में विद्युत सबस्टेशन, हल्द्वानी के नैनीताल स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान, चंपावत में महिला खेल महाविद्यालय, और नैनीताल में अत्याधुनिक डेयरी संयंत्र शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, केदारनाथ रोपवे और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं से राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और समग्र विकास को गति मिलेगी।
साथ ही, इस समारोह में उत्तराखंड की 25वीं वर्षगांठ पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया, जो राज्य के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की समृद्धि का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड अपने आध्यात्मिक और प्राकृतिक संसाधनों के कारण भारत की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में खुद को स्थापित कर सकता है।
इस प्रकार, देवभूमि उत्तराखंड के लिए 9 नवंबर 2025 का दिन ऐतिहासिक और विकास के संकल्प का दिन रहा, जिसमें शिक्षा, सिंचाई, खेल और अन्य क्षेत्रों की परियोजनाओं के माध्यम से राज्य को मजबूत और समृद्ध बनाने का संदेश दिया गया है