गोरखपुर में नगर निगम की 38 दुकानें फिलहाल नहीं तोड़ी जाएंगी। यह निर्णय नगर निगम के सभागार में हुए बैठक में लिया गया, जिसमें मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, कमिश्नर अनिल ढींगरा, और डीएम दीपक मीणा ने दुकानदारों से चर्चा की।
छात्रसंघ से आंबेडकर चौक तक स्मार्ट रोड बनाने के दौरान नगर निगम की यह दुकाने सड़क चौड़ीकरण के लिए जद में थीं, लेकिन फिलहाल इन दुकानों को तोड़ा नहीं जाएगा।
इसके लिए दोबारा सर्वे किया जाएगा और दुकानदारों से समन्वय कर सड़क का निर्माण किया जाएगा।यह सड़क चौड़ाई करीब 24 मीटर की होनी थी, जिसके कारण इन 38 दुकानों को खाली करने का नोटिस दिया गया था, जिससे दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
बाद में उन्होंने अपने पुनर्वास की मांग की और सड़क की चौड़ाई को कम करने की भी मांग रखी।नगर निगम और स्थानीय प्रशासन अब इस दिशा में काम कर रहे हैं कि 24 मीटर चौड़ी सड़क के तहत इन दुकानों को कैसे बचाया जा सके।
यदि दुकानों को तोड़ना पड़ेगा तो दुकानदारों के हितों के लिए पुनर्वास की योजना बनाई जाएगी। इसके अलावा, दुकानदारों को यह भी आश्वासन दिया गया है कि उन्हें अन्य स्थानों पर स्थायी दुकानें आवंटित की जाएंगी, हालांकि इसकी प्राथमिकता अभी स्पष्ट नहीं है।
यह निर्णय दुकानदारों की रोजी-रोटी और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि सड़क विस्तार के दौरान उनके जीवनयापन पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े और उनकी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
दुकानदारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी हस्तक्षेप करके पुनर्वास की मांग की है ताकि वे सड़क निर्माण के विकास कार्यों के बावजूद अपने कारोबार को जारी रख सकें