Oplus_131072
पांच जिलों—हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली और उन्नाव—को सुपरफास्ट कनेक्टिविटी से जोड़ेगा।
इस परियोजना का नाम “विज्ञान पथ” है और इसका उद्देश्य लखनऊ समेत इन जिलों के बीच यातायात को बेहतर बनाना, जाम से निजात दिलाना और यात्रा के समय को काफी कम करना है।
यह हाईवे लगभग 250 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें हर 60 से 75 मिनट में राजधानी लखनऊ से इन जिलों तक पहुंच संभव होगी।इस हाईवे को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में बनाया जाएगा और यह अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिसमें इमरजेंसी लेन, फास्टैग सिस्टम समेत पर्यावरण संरक्षण के लिए हरियाली बेल्ट भी शामिल होगी।
इससे न केवल ट्रैफिक की समस्या में कमी आएगी बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
वर्तमान में जहां यात्रियों को लखनऊ से इन जिलों तक पहुंचने में जाम और संकरी सड़कों की वजह से अधिक समय लग जाता है, वहां यह छह लेन वाला हाईवे यात्रा को तेज और सुगम बनाएगा।
परियोजना के पूरा होने पर लखनऊ-सीतापुर हाईवे भी चार लेन से छह लेन में परिवर्तित हो जाएगा, जिससे दूरी लगभग 2 घंटे से घटकर 1 से 1.5 घंटे की हो जाएगी। हाईवे के चौड़ीकरण से आने वाले यातायात दबाव को संभालना आसान होगा और यह राजधानी क्षेत्र को औद्योगिक तथा आर्थिक विकास का केंद्र बनाइएगा।
इस प्रकार, लखनऊ में बनने वाला यह 6 लेन का हाईवे न केवल इन पांच जिलों की कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा बल्कि पूरे मध्य उत्तर प्रदेश क्षेत्र के विकास को भी नई गति देगा, जिससे लोगों को जाम से राहत मिलेगी और यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
यह परियोजना लगभग 2027 तक पूरी हो जाएगी और इसके साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां भी जोर पकड़ेंगी। इस हाईवे के बनने से लखनऊ सहित जुड़े जिलों के निवासियों का जीवन और व्यवसाय दोनों बेहतर होंगे।