बिहार में चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर 2025 को 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर हो रहा है, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इसमें कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर वोटर शामिल हैं। पहला चरण सुबह 7 बजे से शुरू होकर 11 बजे तक करीब 27.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। बेगूसराय में सबसे अधिक और पटना में सबसे कम मतदान हुआ है।
मतदान के दौरान सुरक्षा और तकनीकी इंतजाम पर विशेष ध्यान दिया गया है। सभी मतदान केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं और ईवीएम नेट ऐप से मतदान की रिपोर्टिंग की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष निगरानी की गई है। चुनाव में फर्जी मतदान, बवाल जैसी घटनाओं पर चुनाव आयोग ने कड़ी नजर रखी है।
प्रमुख नेताओं ने मतदान किया है, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, तेजस्वी यादव सहित कई दिग्गज नेता शामिल हैं। तेजस्वी यादव ने मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है, खासकर पहली बार वोट डालने वालों, महिलाओं, युवाओं और प्रवासी मतदाताओं से।
राजनीतिक समीक्षकों के अनुसार, इस चुनाव में नारी शक्ति और युवाओं का बड़ा प्रभाव होने की संभावना है। रोजगार, प्रवासी मजदूरों का मुद्दा, ओबीसी और सवर्ण वोट, एसआईआर के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नाम आदि कई बड़े मुद्दे चुनाव के नतीजों को प्रभावित करेंगे। एनडीए के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में नीतीश कुमार हैं, लेकिन उनकी उम्र और स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, प्रशांत किशोर की पार्टी का प्रभाव भी गठबंधनों के वोट बैंक पर असर डाल सकता है।