लखनऊ के डालीबाग इलाके में मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर 72 फ्लैट बनाए गए हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के गरीब परिवारों को आवंटित किए गए हैं।
ये फ्लैट “सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना” के तहत बनाए गए हैं, जिनकी कुल संख्या 72 है और प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल लगभग 36.65 वर्ग मीटर (360 वर्ग फीट) है।
इन फ्लैटों की कीमत 10.70 लाख रुपये रखी गई है।यह जमीन मुख्तार अंसारी के कब्जे में थी, जहां पहले एक बहुमंजिला कोठी बनी हुई थी जो अब ध्वस्त कर दी गई है।
इस अवैध कब्जे वाली जमीन को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने खाली कराकर गरीबों के लिए आवासीय फ्लैट का निर्माण कराया।
इस योजना के तहत आवासीय फ्लैटों में स्वच्छ पेयजल, बिजली आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग की सुविधाएं भी शामिल हैं।
फ्लैटों के आवंटन के लिए लगभग 8,000 आवेदकों में से पारदर्शी लॉटरी की गई, जिसमें 72 परिवारों का चयन हुआ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लाभार्थियों को चाबियां सौंपीं।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह सिर्फ आवास वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह माफियाओं के कब्जे वाली जमीनों को मुक्त कर गरीबों को आवास देने का सामाजिक न्याय का प्रतीक है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि माफियाओं का दबदबा अब खत्म हो चुका है और ऐसी अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लाभार्थियों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और इस नई जिंदगी के लिए खुशी व्यक्त की। इस पहल से सरकारी जमीनों का उपयोग समाज के कमजोर वर्ग के लिए हो रहा है तथा माफियाओं के अधिग्रहण पर अंकुश लग रहा है।
यह कार्रवाई प्रयागराज में अतीक अहमद की जब्त जमीन पर गरीबों को आवास देने के बाद योगी सरकार की माफियाराज के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पूरे प्रदेश में माफियाओं की अवैध जमीनों को मुक्त कराने और उनका उपयोग सामाजिक विकास के लिए करने की नीति को सुदृढ़ करती है।
डालीबाग इलाके की यह जमीन राजधानी के पॉश इलाके में स्थित है, जहां आवास लेने वाले गरीब परिवारों को बेहतर जीवन यापन का अवसर मिलेगा
