उत्तर प्रदेश के इटावा-आगरा नेशनल हाईवे 19 पर 8 आधुनिक अंडरपास बनाए जाएंगे, जिनकी लागत लगभग 200 करोड़ रुपये होगी।
इस 123 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन हाईवे पर अब तक अंडरपास नहीं होने के कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं। एनएचएआई ने इस हाईवे पर 8 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं जहां अंडरपास बनाए जाएंगे।
यह परियोजना करीब 80 से अधिक गांवों के लोगों के आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाएगी। निर्माण कार्य तीन कंपनियों को टेंडर देकर शुरू हो चुका है और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
अंडरपास बनने से हाईवे पर होने वाले हादसों में काफी कमी आने की उम्मीद है, और पूरे मार्ग की तस्वीर बदल जाएगी। प्रमुख स्थान जिन पर अंडरपास बनाए जाएंगे, उनमें मोहम्मदाबाद, मीठेपुर, बेनीवालकट, टूंडला, इंदुमई, नौशेहरा, उखरेंड, मलाजनी, अरौंज शामिल हैं।
यह कदम वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाईवे को पार करते वक्त अब तक अनेक दुर्घटनाएं हो चुकी थीं।
अंडरपास के निर्माण से दुर्घटना रोकथाम के साथ यातायात की सुविधा भी बढ़ेगी, जिससे हादसों की संभावना कम हो जाएगी और क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन सुगम होगा।
इस विकास से यूपी में नेशनल हाईवे की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और यह क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी सहायक साबित होगा।