नेपाल सरकार को बड़ा झटका लगा है क्योंकि नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने 11 देशों से नियुक्त नेपाली राजदूतों की वापसी (रोकल) पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के इस फैसले को असंवैधानिक और उचित ठहराया नहीं, जिससे प्रधानमंत्री सुषिला कार्की और उनकी अंतरिम सरकार को भारी setback मिला है।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के 11 राजदूतों को वापस बुलाने के फैसले पर रोक लगाई है,
जिससे ये राजदूत अपने पदों पर बने रहेंगे।ये राजदूत चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, इजरायल, कतार, रूस, सऊदी अरब, स्पेन, और अन्य देशों के लिए नियुक्त थे।
सरकार ने इन राजदूतों की कार्यक्षमता से असंतुष्टि जताते हुए उनकी वापसी का आदेश दिया था, लेकिन कोर्ट ने सरकार की दलीलों को न्यायसंगत नहीं पाया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वर्तमान अंतरिम सरकार का कार्यकाल सीमित है और ऐसे फैसले जिनका दीर्घकालीन प्रभाव हो, वैसा करने का अधिकार उसके पास नहीं।
प्रधानमंत्री सुषिला कार्की की अंतरिम सरकार को मार्च 5 तक सदन के नए चुनाव कराना है, और वह भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद बनी है।सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करने की बात कही है।
नेपाल सरकार के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि ये राजदूत पूर्व सरकार द्वारा नियुक्त थे और वर्तमान सरकार ने उन्हें बदलने का प्रयास किया था लेकिन कोर्ट की बाधा से ये संभव नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति सरकार की नीतिगत फैसलों और चुनावी रणनीतियों पर असर डाल सकती है