गोरखपुर में फ्लाईओवर निर्माण की धीमी गति को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की बैठक बुलाई और साफ शब्दों में नाराज़गी जताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के लिए संसाधन और श्रमिकों की संख्या बढ़ायी जाए, ताकि प्रोजेक्ट तय समय में पूर्ण हो सके।
मुख्यमंत्री ने मौके का निरीक्षण करते हुए पाया कि प्रगति आशानुरूप नहीं है और पूर्व निर्धारित समयसीमा से कार्य पिछड़ रहा है। उन्होंने पूछा कि अब तक कितने प्रतिशत काम हो चुका है और आगे की योजना क्या है। अधिकारीयों से सवाल-जवाब के दौरान उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रशासन तेजी से कदम उठाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि बेनचमार्क और संसाधनों की समीक्षा करके निर्माण कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने फ्लाईओवर का निरीक्षण करते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने को कहा। बैठक में मौजूद अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद काम में देरी अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि 2023 के अंत तक फ्लाईओवर पूरी तरह तैयार हो जाना चाहिए, अन्यथा संबंधित विभागों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए निर्धारित बजट का पूर्ण उपयोग और समय पर डिटेल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए।
गोरखपुर के लोग लंबे समय से फ्लाईओवर का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की समस्याएं कम होंगी।
लोग चाहते हैं कि निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो, जिससे शहर की आवागमन व्यवस्था सुधरे।सड़क सुरक्षा, गुणवत्ता और समयसीमा पर ज़ोरमुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी जोर देते हुए कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही से जनता की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
वही अधिकारीयों को निर्माण की प्रत्येक स्टेज की निगरानी के लिए कहा गया, जिससे कोई जोखिम न रहे।अंत में, सीएम ने जनता को भरोसा दिलाया कि गोरखपुर के विकास कार्यों में कोई ढिलाई नहीं होगी और शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक और सुरक्षित बनाया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के लिए कमेटी भी गठित करने के निर्देश दिए।