69000 मेहमानों के लिए दिया गया भोज इतिहास की सबसे बड़ी दावतों में से एक है, जिसे प्राचीन काल में अश्शूर नसीरपाल द्वितीय ने आयोजित किया था। यह दावत 879 ईसा पूर्व में उन्होंने अपने नए शहर काल्हू (निमरुद) के उद्घाटन समारोह के दौरान दी थी, जिसमें करीब 69,574 मेहमानों ने भाग लिया था। इतिहासकार इसे दुनिया की सबसे बड़ी और भव्य दावत मानते हैं
दावत का ऐतिहासिक विवरण
राजा अश्शूर नसीरपाल द्वितीय (Neo-Assyrian Empire) ने काल्हू शहर के निर्माण के बाद उद्घाटन के अवसर पर यह विशाल भोज दिया था
इसमें 16,000 नए नागरिक, 5,000 गणमान्य अतिथि और बाकी विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल थे।
भोज में परोसे गए सामान में 1,000 बैल, 14,000 भेड़, 10,000 मछलियाँ, 10,000 अंडे, 10,000 रोटियाँ, 10,000 बीयर के जार, और 10,000 वाइन के जार जैसी चीज़ें शामिल थीं। इसके अलावा विभिन्न मसाले, अनाज, फल, सब्ज़ियां, और स्वादिष्ट व्यंजन भी थे।
भोज की खासियत
भोज का आयोजन महलों और शहर के नवनिर्माण के गर्व और उत्सव के रूप में हुआ था।
इसके जरिए राजा ने अपनी शक्ति, समृद्धि और कलात्मकता का प्रदर्शन किया था, जिससे उनका नाम और प्रतिष्ठा पूरे क्षेत्र में फैल गई।
इस प्रकार के भोज और दावतें आज की गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार भी ऐतिहासिक दृष्टि से सबसे बड़ी रही हैं। आधुनिक समय में भी इतने बड़े स्तर का भोज अब तक दोहराया नहीं जा सका है।