विदेश भेजने के नाम पर तीन युवकों के साथ ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। बेलघाट थाना क्षेत्र के समहुतापुर निवासी रामचंद्र साहनी, प्रेमचंद्र साहनी और शाहपुर निवासी हरिनारायण को ट्रांसपोर्टनगर अमरूदमंडी निवासी एक एजेंट ने विदेश में ऊंचे वेतन और सुविधाओं का भरोसा देकर मालदीव भेजा। वहाँ पहुंचने पर युवकों को पता चला कि वे एक सुनसान टापू पर फंसे हैं जहां न खाने-पीने की व्यवस्था है, न ठीक से रहने की सुविधा, न मेडिकल सेवा, और न ही वेतन मिला। एजेंट से संपर्क भी नहीं हो पाया, जिससे उन्हें समझ आया कि वे ठगी के शिकार हो गए हैं।
फंसे युवकों ने व्हाट्सएप के माध्यम से अपने गांव के सहपाठी और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ宛 एक पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने विस्तार से अपनी दयनीय स्थिति बताई और देश वापस बुलाए जाने की अपील की। मदन मुरारी ने इस प्रकरण को ट्वीट के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुँचाया और एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि यह मामला न केवल मानव तस्करी जैसा है, बल्कि बेरोजगार युवाओं को छलने का संगठित तरीका बन चुका है।

पुलिस ने पीड़ितों के परिवार से तहरीर मांगी है, जिसके बाद एजेंट के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने पुष्टि की है कि जांच जारी है और एजेंट की तलाश की जा रही है। इस घटना ने गोरखपुर में विदेश नौकरी के नाम पर बढ़ती धोखाधड़ी की समस्या को फिर से उजागर कर दिया है।
बेलघाट के तीन युवकों से विदेश नौकरी का झांसा देकर मालदीव में फंसा वेतन और सुविधा न मिलने से ठगी, युवकों ने सीएम से मदद मांगीइस लेख में तीन युवकों की ठगी की घटना, उनकी परेशानियों, मुख्यमंत्री से गुहार, और पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयों का विस्तृत विवरण है, जो गोरखपुर में बढ़ रही विदेश नौकरी धांधली की एक बड़ी समस्या को दर्शाता है।