गाजा पट्टी में ऐतिहासिक युद्धविराम: 20 इस्राइली बंधक रिहा, हमास-इस्राइल समझौते से बदलेगी पश्चिम एशिया की तस्वीर”विस्तृत लेख2023 से शुरू हुए गाजा पट्टी संघर्ष ने क्षेत्र की राजनीति और मानवता को बुरी तरह झकझोर दिया
दो वर्षों तक चला यह युद्ध आखिरकार 2025 के अक्टूबर माह में अंतरराष्ट्रीय दबाव और मध्यस्थता के बाद थम गया, जिसमें सबसे बड़ी उपलब्धि रही, हमास द्वारा 20 जीवित इस्राइली बंधकों की रिहाई और युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर
संघर्ष की पृष्ठभूमिगाजा पट्टी, जो 1948 के विभाजन से लगातार अशांति का केंद्र रही है, में 2023 की शुरुआत में हमास और इजरायल के बीच गंभीर टकराव हुआ 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर बड़े हमले किए और 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया
जवाब में इजरायली सेना ने गाजा पर भारी बमबारी की, जिससे हज़ारों लोग मारे गए और लाखों बेघर हो गए युद्धविराम की पहलइस विनाश के बाद वैश्विक दबाव, खासकर अमेरिका, मिस्र व तुर्की की मध्यस्थता से युद्धविराम की राह खुली मिस्र के शर्म-अल-शेख शहर में हुए शांति सम्मेलन में विश्व नेताओं की भागीदारी निश्चित रही,
पर खास बात यह रही कि इजरायल के प्रतिनिधियों की सीधी गैरमौजूदगी में ही समझौते की रूपरेखा बनी हमास के द्वारा बंधकों की रिहाईहमास ने वैश्विक दबाव के तहत 20 जीवित इस्राइली बंधकों की रिहाई का ऐलान किया रेडक्रॉस व अन्य अंतरराष्ट्रीय समितियों के सहयोग से बंधक अलग-अलग चरणों में छोड़े
गए इन बंधकों का भावनात्मक मिलन उनके परिवारों के साथ गहरे इंसानी जज़्बात को सामने लाया शांति समझौते के प्रमुख बिंदुशांति समझौते में चार बड़े पहलू शामिल हैं—युद्धविराम, शासन व्यवस्था में बदलाव, मानवीय सहायता व पुनर्निर्माण, और अंतरराष्ट्रीय गारंटी
इजरायल ने गाजा में अपनी सेना के चरणबद्ध हटने की सहमति दी, और इसके बदले में गाजा में हमास को निरस्त्रीकरण के लिए सहमत किया गया भविष्य में गाजा का प्रशासन गैर-राजनीतिक फिलिस्तीनी समिति, अंतरराष्ट्रीय निगरानी में करेगी मानवीय संकट और पुनर्निर्माणयुद्ध ने गाजा के 80% भवन-घरों को बर्बाद किया,
लाखों लोग बेघर हो गए और मानवीय संकट अपने चरम पर पहुंच गया युद्धविराम के बाद सऊदी अरब व यूएई समेत तमाम देशों की भागीदारी से 50 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण फंड बनाया गया है, जिससे स्कूल, अस्पताल, नौकरियां व मूलभूत सुविधाएं बहाल होने की उम्मीद है
कैदियों की अदला-बदलीइस समझौते के तहत, इजरायल ने भी लगभग 1,900 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया बंधकों व कैदियों की सुरक्षित अदला-बदली में रेडक्रॉस की महत्वपूर्ण भूमिका रही
राजनीतिक छाया और भविष्य की चुनौतियाँयुद्धविराम के बावजूद कई सवाल अनुत्तरित हैं—क्या हमास पूरी तरह निरस्त्रीकरण करेगा, गाजा पर शासन की रूपरेखा और क्षेत्रीय स्थिरता कितनी टिकाऊ रहेगी संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी
भारत और विश्व का दृष्टिकोणभारत ने इस शांति समझौते का स्वागत किया है, और क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा, आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सतर्कता की जरूरत पर ज़ोर दिया है दुनिया भर में गाजा युद्धविराम को एक अहम मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका निर्णायक रही
समापनगाजा पट्टी में ऐतिहासिक युद्धविराम से क्षेत्रीय राजनीति, मानवीय हालात और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा हालांकि, आगे की राह मुश्किल और चुनौतियों से भरी है, पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पुनर्निर्माण और मानवीय प्रयासों से उम्मीद की किरण जागी है।