भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक IRCTC घोटाला (Indian Railway Catering and Tourism Corporation Scam) फिर सुर्खियों में है। दिसंबर 2025 तक इस केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बेटे एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप तय कर दिए हैं। यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए का है, जब रेलवे के दो होटलों के रखरखाव के ठेके में कथित अनियमितताएं हुईं।
IRCTC घोटाले की पूरी कहानी: कैसे हुआ भ्रष्टाचार?
यह घोटाला लैंड फॉर होटल (Land for Hotel) के रूप में मशहूर है। CBI के अनुसार:
- लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए रांची (BNR Ranchi) और पुरी (BNR Puri) के दो IRCTC होटलों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी की।
- टेंडर में बदलाव कर इसे दिल्ली की सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड (मालिक विजय कोचर और विनय कोचर) को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
- बदले में, पटना में करीब 3 एकड़ prime land को बहुत कम कीमत (मार्केट वैल्यू से 4-5 गुना कम) पर एक बेनामी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग कंपनी (बाद में लारा प्रोजेक्ट्स LLP) के जरिए खरीदा गया।
- यह जमीन बाद में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम ट्रांसफर कर दी गई।
CBI ने 2017 में FIR दर्ज की और 2018 में चार्जशीट दाखिल की। आरोप है कि लालू ने मौखिक निर्देश देकर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया, जिससे रेलवे को करोड़ों का नुकसान हुआ और परिवार को व्यक्तिगत लाभ मिला।
2025 में ताजा अपडेट: कोर्ट ने क्या कहा?
13 अक्टूबर 2025 को स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप तय करते हुए कहा:
- लालू प्रसाद यादव “साजिश के फाउंटेनहेड” (मुख्य स्रोत) हैं। उन्होंने पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ लिया।
- प्रथम दृष्टया (Prima Facie) सबूत हैं कि टेंडर में संशोधन, undervalued land खरीद और परिवार को लाभ पहुंचाने की साजिश हुई।
- लालू यादव पर IPC 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और Prevention of Corruption Act की धाराएं लगीं।
- राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर IPC 120B और 420 (साजिश और धोखाधड़ी) के आरोप।
- सभी आरोपियों ने दोष स्वीकार नहीं किया और ट्रायल का सामना करने को तैयार हैं।
ट्रायल 27 अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाला था, लेकिन लालू-राबड़ी ने डे-टू-डे हियरिंग से छूट मांगी।
नवंबर 2025 में राबड़ी देवी ने जज को “biased” बताकर केस ट्रांसफर की अर्जी दी
, जिस पर कोर्ट ने CBI से जवाब मांगा।
दिसंबर 2025 तक ट्रायल चल रहा है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं आया।
राजनीतिक प्रभाव: बिहार चुनाव 2025 पर असर?
यह केस बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले गरमाया, जिससे BJP ने RJD पर हमला बोला।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “तेजस्वी नौकरियां देने का वादा करते हैं
, लेकिन खुद जमीन लेने के आरोपी हैं।
” RJD ने इसे “राजनीतिक साजिश
” बताया और तेजस्वी ने कहा, “तूफानों से लड़ने में मजा आता है।”
यह केस लैंड-फॉर-जॉब्स घोटाले से अलग है, जहां भी लालू परिवार आरोपी है।
फॉडर स्कैम की तरह यह भी लालू की छवि पर असर डाल रहा है।