March 25, 2026

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: नई सियासी करवट के लिए तैयार, दो चरणों में होगी वोटिंग, 14 नवम्बर को आएंगे नतीजेबिहार की राजनीति एक बार फिर चुनावी रंग में रंगने जा रही है। चुनाव आयोग ने घोषणा कर दी है कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में – 6 नवम्बर और 11 नवम्बर 2025 को –

जबकि परिणाम 14 नवम्बर को घोषित किए जाएंगे। इस बार चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को तेज और सुलभ बनाने के लिए अनेक नई व्यवस्थाएं लागू की हैं मतदान का पूरा शेड्यूलपहला चरण: 6 नवम्बर, 121 सीटों के लिए मतदानदूसरा चरण: 11 नवम्बर, 122 सीटों के लिए मतदानमतगणना: 14 नवम्बर, दोनों चरणों के नतीजे घोषित होंगे

नामांकन की प्रक्रिया पहले चरण के लिए 10 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और दूसरे चरण के लिए 13 अक्टूबर से। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख क्रमशः 20 और 23 अक्टूबर है चुनावी आंकड़े और नए पहलइस बार लगभग 7.4 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे।

इनमें 14 लाख नए मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य में चार लाख वरिष्ठ नागरिक और 14,000 से अधिक ऐसे मतदाता हैं जिनकी उम्र 100 साल से ज्यादा है प्रत्येक मतदान केंद्र पर विशेष सुविधाएं रहेंगी

– रैंप, व्हीलचेयर, वेबकास्टिंग और अंगनवाड़ी कार्यकर्ता पहचान के लिए तैनात रहेंगे पहली बार EVM में प्रत्याशी की रंगीन फोटो होगी, फोन जमा करने की व्यवस्था और 100 मीटर के दायरे में प्रत्याशी के लिए कैंप की अनुमति दी गई है चुनावी मुख्य मुद्देइस चुनाव में SIR, बेरोजगारी, विशेष राज्य के दर्जे की मांग और

जातीय आरक्षण जैसी राजनीतिक चर्चाएं प्रमुख होंगी। सत्तारूढ़ NDA गठबंधन और विपक्षी महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होने जा रहा है राजनीतिक समीकरणNDA में जेडीयू, बीजेपी, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी, जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा आदि शामिल हैं

।महागठबंधन में RJD, कांग्रेस, मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी, वाम दल और पशुपति पारस की लोक जनशक्ति पार्टी शामिल हैं बिहार चुनाव का सामाजिक असरछठ पर्व को ध्यान में रखकर मतदान की तारीखें तय की गई हैं ताकि बाहर रहने वाले अधिकतर लोग छुट्टियों के दौरान अपने राज्य लौटकर वोटिंग कर सकें इसके अलावा सभी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर पिछले कुछ दिनों से गहन चर्चा चल रही है

। महागठबंधन सहित सभी दल जल्द अपने उम्मीदवार घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर रहे हैं यह चुनाव न सिर्फ बिहार, बल्कि देश की राजनीति के लिए भी दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। चुनाव आयोग और प्रशासन ने निष्पक्ष, शांत और पारदर्शी चुनाव के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं

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