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गुजरात के जूनागढ़ में उपद्रवियों ने मंदिर में की तोड़फोड़, संत गोरखनाथ की मूर्ति खंडित — लोगों में भारी आक्रोश, जांच शुरूजूनागढ़। गुजरात के जूनागढ़ जिले में धार्मिक असहिष्णुता और उपद्रव का एक बड़ा मामला सामने आया है। शनिवार की रात को कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरनार की पहाड़ियों में स्थित एक प्राचीन मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की और वहां स्थापित संत गोरखनाथ जी की संगमरमर की प्रतिमा को खंडित कर दिया। यह खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, वैसे ही पूरे इलाके में भारी आक्रोश की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग रातभर सड़कों पर उतर आए और पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे।गौरतलब है कि गिरनार पर्वत गुजरात का ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जहां जैन और हिंदू दोनों समुदायों के मंदिर स्थित हैं। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार रात अज्ञात उपद्रवियों ने मंदिर के भीतर प्रवेश किया और पहले गोरखनाथ जी की मूर्ति का सिर तोड़ दिया। उसके बाद मंदिर के कांच के दरवाजों और अन्य धार्मिक वस्तुओं को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना से धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। लोग इसे एक सोची-समझी साजिश बता रहे हैं जिसका उद्देश्य समाज में विभाजन और नफरत फैलाना है। रविवार की सुबह जैसे ही यह खबर फैलनी शुरू हुई, श्रद्धालु और नाथ संप्रदाय के अनुयायी भारी संख्या में मंदिर के बाहर एकत्रित हो गए। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।जूनागढ़ के एसपी सुबोध ओदेवड़ा ने बताया कि जैसे ही पुलिस को शिकायत मिली, अपराध शाखा, स्थानीय पुलिस और विशेष जांच दल को मौके पर भेजा गया। गिरनार पुलिस स्टेशन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मंदिर परिसर की जांच की। पुलिस ने मंदिर के चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच दल को उम्मीद है कि फुटेज से उपद्रवियों की पहचान जल्द हो जाएगी। साथ ही मंदिर के पुजारी और स्थानीय श्रद्धालुओं से पूछताछ कर कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी भी शुरू कर दी है।स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि लोग कानून को अपने हाथ में न लें और पुलिस की जांच में सहयोग करें। लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गिरनार मार्ग पर उतर आए और प्रशासन से शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और पूरे इलाके में शांति बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।मंदिर समिति के सदस्यों ने कहा कि संत गोरखनाथ जी की मूर्ति को खंडित करना केवल एक धार्मिक प्रतीक पर हमला नहीं, बल्कि आस्था पर गहरी चोट है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अपराधियों को कठोर सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी नापाक हरकत करने की हिम्मत न करे।गिरनार पर्वत, जिसे रेवतक पर्वत के नाम से भी जाना जाता है, ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां जैन और हिंदू दोनों धर्मों के कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं। गिरनार पर्वत के शिखर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 10 हजार से अधिक पत्थर की सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इस रास्ते में कई छोटे-बड़े मंदिर हैं जो जैन, वैष्णव और नाथ संप्रदायों से जुड़े हैं। इन्हीं में से एक मंदिर में यह तोड़फोड़ की घटना हुई है।सूत्रों के मुताबिक, मंदिर में स्थापित मूर्ति 12वीं शताब्दी की मानी जाती है और यह नाथ संप्रदाय के संस्थापक संत गोरखनाथ जी को समर्पित है। इस मूर्ति का धार्मिक ही नहीं, ऐतिहासिक महत्व भी अत्यंत गहरा है। कहा जाता है कि यह प्रतिमा संगमरमर के एक विशेष पत्थर से बनी थी जिसे नेपाल से लाकर स्थापित किया गया था।इस घटना से न केवल स्थानीय लोगों में, बल्कि पूरे गुजरात में नाराजगी फैल गई है। अहमदाबाद, राजकोट और भावनगर से भी श्रद्धालुओं ने इस कृत्य की निंदा करते हुए सोशल मीडिया पर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। कई धार्मिक संगठनों ने राज्य सरकार से अपील की है कि इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए।जूनागढ़ पुलिस ने कहा है कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घटना देर रात करीब 2 बजे की है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 295 (धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना) और 153-A (धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस टीम आसपास के क्षेत्रों के संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है।जांच अधिकारियों ने यह भी बताया कि मंदिर के भीतर घुसने का कोई जबरन तोड़ने का निशान नहीं मिला, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि अपराधियों को मंदिर परिसर की जानकारी पहले से थी। इस दिशा में मंदिर के कुछ पूर्व कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।जूनागढ़ प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर गिरनार क्षेत्र में 144 धारा लागू कर दी है। किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली या बड़े जमावड़े पर अस्थायी रोक लगाई गई है। पुलिस ने श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा और मूर्ति का पुनः स्थापना कार्य जल्द ही किया जाएगा।नाथ संप्रदाय के प्रमुख संतों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि संत गोरखनाथ जी ने हमेशा समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिकता का संदेश दिया। उनकी प्रतिमा को खंडित करना इस पवित्र विचारधारा पर हमला है। उन्होंने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि सच्चे अनुयायी हिंसा नहीं, बल्कि संयम और सत्य के मार्ग पर चलते हैं।घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने भी रिपोर्ट तलब की है। गृह विभाग ने पुलिस महानिदेशक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी कीमत पर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जूनागढ़ में तैनात अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। गिरनार पर्वत के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने मंदिर परिसर की मरम्मत और सफाई शुरू कर दी है। टूटी हुई मूर्ति के अवशेषों को धार्मिक रीति से सुरक्षित किया गया है ताकि नई प्रतिमा की स्थापना के लिए धार्मिक आयोजन किया जा सके।मंदिर के पुजारी ने कहा कि यह घटना “आस्था पर आघात” है और मंदिर समिति निकट भविष्य में भव्य पुनःस्थापना समारोह करेगी। उन्होंने कहा कि “गोरखनाथ जी की कृपा से हम इस अपवित्र कर्म का जवाब अपने श्रद्धा और एकता से देंगे, हिंसा से नहीं।”वहीं, धार्मिक नेताओं ने इसे “राष्ट्र की आध्यात्मिक एकता के लिए चुनौती” बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों का जवाब समाज के संयम और दृढ़ संकल्प से देना चाहिए ताकि शांति बनी रहे।राज्यभर के धार्मिक संगठनों, समाजसेवियों और साधु-संतों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह गुजरात की गंगा-जमुनी तहज़ीब पर हमला है।फिलहाल पुलिस ने जांच तेज कर दी है और दावा किया है कि कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान हो चुकी है। मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में घटना से जुड़े सभी आरोपी पकड़े जाएंगे।
