दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में हाल ही की भारी बारिश और भूस्खलन ने हाहाकार मचा दिया है, जिसमें अब तक 23 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई मकान ढह गए हैं। भूस्खलन और बाढ़ के कारण बड़े क्षेत्र में तबाही फैली हुई है, दो पुल टूट गए हैं, और सैकड़ों ग्रामीणों व पर्यटकों की जिंदगी प्रभावित हुई है। नेपाल में भी इस आपदा से 52 लोगों की मौत
भारी बारिश और भूस्खलन का कहरशनिवार रात से लेकर रविवार तक दार्जिलिंग, मिरीक, कालिम्पोंग सहित पूरे पहाड़ी क्षेत्र में मूसलधार बारिश हुई, जिससे अचानक कई जगहों पर भूस्खलन शुरू हो गया। भूस्खलन और तेज बहाव के कारण कई घर मलबे में दब गए, और दर्जनों सड़कें बंद हो गईं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मिरीक, जसबीरगाँव, नागराकाटा, सूं, रिंगटोंग और आसपास के गाँव हैं
प्रभावित गाँव और शहरमिरीक सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहाँ 11 मौतें दर्ज की गई हैं। सलुगढ़ा, सौरेनी, मेची-धढ, नागराकाटा समेत दार्जिलिंग के कई गाँव प्रभावित हैं। सैकड़ों घर पूरी तरह या आंशिक रूप से ढह गए, जिससे लोग बेघर हो गए। कई गाँवों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है क्योंकि सड़कें और पुल बह गए ह