सहजनवां (गोरखपुर) क्षेत्र की है, जिसमें बीमारी ठीक करने के बहाने धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। सहजनवां थाना क्षेत्र के धर्मांतरण की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। खबर के मुताबिक, ये महिलाएं भीमसर गांव में कई महिलाओं को उनके बच्चों की बीमारियों को ठीक करने के नाम पर धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रही थीं। इसके लिए हिंदू परिवारों के घर जाकर धर्म विशेष के रीति-रिवाज भी सिखाए जा रहे थे।घटनाक्रम का विस्तारभीमसर गांव में कुछ दिनों पहले दो महिलाओं ने कई अन्य महिलाओं को इकट्ठा कर एक धर्म विशेष के रीति-रिवाज सिखाने के लिए बुलाया।इलाज के नाम पर लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया गया।इन महिलाओं के पास धर्म विशेष की धार्मिक पुस्तिकाएं, मसीही गीत और अन्य सामग्री मिली। मोबाइल से वीडियो बनाकर घटनाओं की पुष्टि की गई।गांव के करीब 100 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए, जबकि आरोप है कि महिलाएं इलाज के नाम पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवा रही थीं।पुलिस और प्रशासन की कार्रवाईघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया।महिलाओं से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।गांव के प्रमुख लोगों ने धार्मिक रीति-रिवाजों की गतिविधियों पर आपत्ति जताई और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। इससे गांव में गहमागहमी फैल गई।अन्य महत्वपूर्ण तथ्यगांव वालों के विरोध के चलते महिलाओं की गतिविधि उजागर हुई।पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ धारा 295ए, 506, 504 और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया।एसडीएम साहबगंज सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।प्रशासन ने गांव में शांति व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।यह मामला धार्मिक प्रलोभन और अंधविश्वास के जरिए धर्मांतरण करने का है, जिसमें प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और ग्रामीणों की सतर्कता से यह घटना सामने आ सकी�।