बस्ती में 15 लाख के नकली नोटों के साथ चार गिरफ्तार
अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, 10 मोबाइल फोन और कार भी जब्त
बस्ती। छावनी थाना क्षेत्र के विक्रमजोत सब्जी मंडी इलाके से पुलिस ने सोमवार सुबह लगभग सवा पांच बजे बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों के अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया। इस दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को धर दबोचा और उनके पास से 15 लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए। साथ ही पुलिस ने 10 मोबाइल फोन और एक कार को भी कब्जे में लिया।
पकड़े गए आरोपियों के पास से 500-500 रुपये के नोटों की कुल 30 गड्डियां मिलीं। पुलिस ने जब गड्डियों की गिनती की तो कुल रकम 15 लाख रुपये की निकली। यह नकली नोट देखने में इतने असली जैसे थे कि बिना बारीकी से जांचे आम व्यक्ति को धोखा देना आसान था।
पुलिस की सक्रियता से गिरेह दबोचा गया
छावनी थाना पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि इलाके में कुछ लोग नकली नोटों की बड़ी खेप लेकर आ-जा रहे हैं और इसके जरिए बाज़ार में पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्यामकांत त्रिपाठी के निर्देशन में पुलिस टीम ने सोमवार सुबह घेराबंदी की और सब्जी मंडी क्षेत्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है –
- अनुप कुमार सिंह उर्फ बबलू – निवासी गोंडा जिला।
- राजकुमार गुप्ता – निवासी मुहली क्षेत्र, संतकबीरनगर।
- शिवकुमार कनौजिया – निवासी नगर क्षेत्र, बस्ती।
- मुकुंदा निवासी – मूलतः बस्ती जिले का रहने वाला।
ये चारों काफी समय से नकली नोटों की सप्लाई करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह से जुड़े हुए थे। पुलिस का कहना है कि इनके तार नेपाल तक जुड़े हो सकते हैं।
फरार आरोपी की तलाश
इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी मौके से भागने में सफल हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और टीम लगातार दबिश दे रही है। अनुमान है कि यह गिरोह नेपाल सीमा के रास्ते नकली नोटों की तस्करी करता था।
पुलिस को मिली सूचना
एसओ छावनी जयनारायण प्रसाद ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़ी मात्रा में नकली नोट लेकर विक्रमजोत मंडी की ओर आने वाले हैं। इस सूचना पर तुरंत टीम गठित कर जाल बिछाया गया। जैसे ही आरोपियों की कार मंडी के पास पहुंची, पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया।
जब्त सामान
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद सामान इस प्रकार है –
15 लाख रुपये के नकली नोट (500 रुपये के 30 पैकेट)।
10 मोबाइल फोन।
एक कार, जिसका उपयोग गिरोह नकली नोटों की ढुलाई के लिए करता था।
पुलिस का बयान
एसपी श्यामकांत त्रिपाठी ने बताया कि यह गिरोह काफी सक्रिय था और अलग-अलग जिलों में नकली नोट पहुंचाने का काम करता था। इनके नेपाल से जुड़े होने के भी संकेत मिले हैं। आगे की जांच के लिए एटीएस और इंटेलिजेंस विभाग को भी सूचना दी गई है।
आम जनता के लिए संदेश
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नोट लेते समय सतर्क रहें, खासकर 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों की जांच करें। नकली नोट मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह का असली सरगना कौन है और इन नकली नोटों की छपाई कहां होती थी। बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं जिससे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।