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📰 विजयी भारत – एशिया कप पर फिर कब्ज़ादुबई के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में एशिया कप का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया। यह मुकाबला शुरू से ही रोमांच और तनाव से भरा था। दोनों टीमों के बीच जब-जब क्रिकेट होता है, पूरे एशिया की निगाहें उसी ओर टिक जाती हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। टिकट से लेकर टेलीविजन रेटिंग तक हर जगह इस मैच का जबरदस्त असर देखा गया।फाइनल की सुबह से ही दुबई के आसमान में नीला और हरा रंग छाया रहा। भारतीय समर्थक ढोल-नगाड़ों और तिरंगे के साथ मैदान पहुँचे, तो पाकिस्तानी दर्शक भी पूरे जोश के साथ स्टेडियम में उतरे। माहौल ऐसा था जैसे किसी विश्वकप का खिताबी मुकाबला हो।टॉस पाकिस्तान ने जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबदबा बना लिया। नई गेंद से मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह ने कमाल कर दिखाया। गेंद हवा में लहराई और पाकिस्तान के बल्लेबाज एक-एक कर पवेलियन लौटने लगे। बाबर आज़म जैसी बड़ी उम्मीद भी टिक नहीं पाए। विकेट गिरने का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि पूरी टीम 53 रन पर ढेर हो गई। यह किसी फाइनल मुकाबले का सबसे छोटा स्कोर साबित हुआ।गेंदबाजी के इस शानदार प्रदर्शन में हर खिलाड़ी ने योगदान दिया। हार्दिक पंड्या ने सटीक यॉर्कर डाले, कुलदीप यादव ने स्पिन से बल्लेबाजों को जकड़ लिया। मैदान पर हर कैच साफ हाथों में समाया। भारतीय खिलाड़ियों की ऊर्जा देख दर्शक झूम उठे।लक्ष्य बेहद छोटा था। भारतीय बल्लेबाज जब मैदान पर उतरे तो पूरा माहौल ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। शुभमन गिल और कप्तान ने संयम से शुरुआत की। रन तेजी से आए, चौकों और छक्कों की गूंज सुनाई दी। पाकिस्तान के गेंदबाज पूरी तरह बिखर चुके थे। मैच का नतीजा तय सा हो गया। भारतीय टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और इतिहास रच दिया।जीत के बाद मैदान पर जश्न का नजारा देखने लायक था। खिलाड़ी एक-दूसरे को गले लगा रहे थे। तिरंगा लहराया गया। दर्शकों की आँखों में खुशी के आँसू थे। पूरी दुनिया ने देखा कि भारत एक बार फिर एशिया का बादशाह बन गया है।भारत ने इस तरह एशिया कप का खिताब 9वीं बार अपने नाम किया। इससे पहले भारत ने 1984, 1988, 1991, 1995, 2010, 2016, 2018 और 2023 में खिताब जीता था। अब 2025 की जीत ने इतिहास को और स्वर्णिम बना दिया। यह न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल था।पाकिस्तान की टीम लगातार तीसरी बार भारत से हार का सामना कर रही थी। इससे उनके खिलाड़ियों और प्रशंसकों में निराशा साफ झलकी। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपने आत्मविश्वास और संतुलित खेल से यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में गिना जाता है।इस खिताबी जीत के साथ ही कई रिकॉर्ड भी टूटे और बने। भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान को सबसे कम स्कोर पर रोका। बल्लेबाजों ने सबसे तेज़ रन चेज़ में से एक पूरा किया। कप्तान की सूझबूझ और खिलाड़ियों की मेहनत हर जगह सराही जा रही है।भारत की जीत सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि बाहर भी गूंज उठी। सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिक तक, सबने इस ऐतिहासिक पल को सेलिब्रेट किया। क्रिकेट प्रेमियों ने सड़कों पर पटाखे जलाए, ढोल बजाए और मिठाइयाँ बाँटीं।यह जीत भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्याय में जुड़ गई। नौवां एशिया कप खिताब भारत की ताकत, अनुशासन और जज्बे का प्रतीक है। हर खिलाड़ी ने यह दिखा दिया कि टीम वर्क ही असली शक्ति है। भारत ने सिर्फ पाकिस्तान को हराया नहीं, बल्कि एशिया में अपनी बादशाहत फिर से स्थापित कर दी।