ज़िले के गुलरिहा क्षेत्र में मोगलहा स्थित एक निजी अस्पताल में महराजगंज निवासी व्यापारी राजीव गुप्ता की इलाज के दौरान मौत होने पर परिजनों व व्यापारी समुदाय के आक्रोश, अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, पुलिस की कार्रवाई, और घटनाक्रम से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी क्रमबद्ध रूप से शामिल की गई है।घटना का विवरणमहराजगंज के फरेंदा क्षेत्र के जंगल जोगिया बारी गांव निवासी व्यापारी राजीव गुप्ता को शुक्रवार की दोपहर अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी।
परिजन उन्हें तत्काल गुलरिहा क्षेत्र के मोगलहा स्थित एक निजी अस्पताल लेकर आए।अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों ने उम्मीद जताई कि यहां बेहतर इलाज मिलेगा और मरीज की हालत ठीक हो जाएगी।
रात करीब 3 बजे मरीज की हालत गंभीर बतायी गई, लेकिन त्वरित इलाज या किसी उच्चस्तरीय रेफर की व्यवस्था नहीं की गई।शनिवार सुबह 6 बजे मरीज की मौत की सूचना परिजनों को दी गई।
अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोपपरिजनों ने गंभीर आरोप लगाया कि 18 घंटे में ही अस्पताल प्रशासन ने इलाज के नाम पर कुल 80 हजार रुपये खर्च करा दिए।इसके बावजूद मरीज को आवश्यक और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं दी गईं।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं थे, जिससे समय रहते सही इलाज नहीं हो सका।हंगामा और पुलिस की介入व्यापारी की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और उनके परिचित बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों से बार-बार सवाल पूछे गए, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला।कई लोगों ने अस्पताल के बाहर और परिसर में जमावाड़ा कर लिया।सूचना के बाद पुलिस का पहुंचनासूचना मिलते ही गुलरिहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया।समझौते की स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाईपुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए दो घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति शांत कराई।
परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) गोरखपुर को फोन कर पूरी घटना की शिकायत भी की।
हालांकि, मृतक के परिजन की ओर से अब तक कोई लिखित तहरीर पुलिस अथवा प्रशासन को नहीं दी गई है।राजनीतिक व सामाजिक असरव्यापारी समुदाय में घटना को लेकर रोष दिखा, उन्होंने न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग