बस्ती : धार्मिक झंडा-पताका उखाड़ने पर हंगामा, देर रात तक ग्रामीणों का धरना
बस्ती। हरैया थाना क्षेत्र के रजापुर गांव के शिला बाजार में रविवार देर शाम पूजा पंडाल के पास लगे धार्मिक झंडा-पताका को उखाड़ फेंकने की घटना ने पूरे इलाके का माहौल गरमा दिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साई भीड़ ने कुछ बाइकों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद तनाव इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के लोग धरने पर बैठ गए और झंडा उखाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
विवाद की जड़
रजापुर गांव के काली जी के स्थान के पास पूजा पंडाल लगाया गया था। समिति का कहना है कि पंडाल तक जाने वाले रास्ते और पुलिया की रेलिंग पर धार्मिक झंडे व पताका लगाए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम करीब सात बजे कुछ अराजक तत्वों ने झंडों को उखाड़कर फेंक दिया। इस घटना से माहौल बिगड़ गया और तनाव की स्थिति बन गई।
आरोप और धमकियां
गांव के प्रधान भरतलाल ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि झंडा उखाड़ने के साथ ही रात में बाइक से पहुंचे दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके गांव के प्रेम कुमार को जान से मारने की धमकी दी। यह खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।
अफसर मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम प्रतापल सिंह चौहान, एसडीएम श्यामकांत, एसडीएम हरैया सत्यदेव सिंह और सीओ संजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया लेकिन केस दर्ज करने की मांग पर ग्रामीण देर रात तक धरने पर डटे रहे।
पुलिस की कार्रवाई
भीड़ और तनाव बढ़ता देख दूसरे पक्ष के लोग अपनी बाइक छोड़कर मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके को घेर लिया और अतिरिक्त बल की तैनाती कर दी गई। सीओ संजय सिंह ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।
नतीजा
गांव में रातभर तनाव का माहौल रहा। अफसरों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
👉 कुल मिलाकर, धार्मिक झंडा उखाड़ने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव फैला दिया। प्रशासन की मुस्तैदी से हालात काबू में तो आ गए, लेकिन ग्रामीण अब भी दोषियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई पर अड़े हुए हैं।