सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2020 की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में ईडब्ल्यूएस (EWS) यानी आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने हाईकोर्ट लखनऊ के फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें भर्ती में 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण नहीं देने के आदेश दिए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2020 की इस शिक्षक भर्ती को राज्य सरकार उसी नियम के अनुसार आयोजित कर चुकी है, जो उस समय लागू थे।
- चूंकि ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रावधान 2019 के बाद लागू हुआ था, लेकिन इस भर्ती की अधिसूचना 2018-19 में जारी हो चुकी थी, इसलिए इसमें ईडब्ल्यूएस आरक्षण देना अनिवार्य नहीं था।
- जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस सुनीता अग्रवाल की बेंच ने कहा कि बिना किसी नई चयन सूची बनाए अब भर्ती के फैसले को बदलना उचित नहीं है।
- अदालत ने कहा कि अब शिक्षक नियुक्तियों पर पूर्व निर्णय के आधार पर ही आगे की कार्यवाही होगी।
जेआईसी प्रवक्ता भर्ती मामला
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीआईसी प्रवक्ता भर्ती में बीएड की अनिवार्यता को लेकर जवाब मांगा था।
- अदालत ने कहा कि अब डीएलएड करने वालों को इसमें स्थान नहीं मिलेगा क्योंकि पात्रता की शर्त बदल गई है।
- कोर्ट ने इसी तरह की कई याचिकाओं को एक साथ निस्तारित कर दिया।
कस्टमर के लिए मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने पुराने नियम के अनुसार ही नियुक्ति की वैधता को बनाए रखा है।
- ईडब्ल्यूएस कोटे की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई यानी इस भर्ती में 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू नहीं होगा।
- बीएड की अनिवार्यता मामला भी कोर्ट के सामने था, लेकिन अब नई पात्रता शर्त लागू रहेगी।
- सभी अभ्यर्थियों को पुराने नियमों के अनुसार ही नियुक्ति मिलेगी।
इस निर्णय के बाद अब आगे इस भर्ती से जुड़े किसी भी बदलाव की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।