पटना से बड़ी राजनीतिक हलचल की खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ विपक्षी संगठनों और युवाओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नौकरी और रोजगार के मुद्दे को लेकर हुआ।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार नौजवानों से उनका रोजगार छीन रही है। नई भर्तियों पर रोक, पुराने कर्मचारियों की छंटनी और अनुबंध आधारित नौकरियों के बढ़ते प्रचलन से युवा वर्ग आक्रोशित है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस उम्मीद से उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी, सरकार अब उसी पर पानी फेर रही है।
प्रदर्शन के दौरान पटना की सड़कों पर भारी संख्या में युवा और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने नारेबाज़ी करते हुए कहा कि “रोज़गार दो, नौकरी छीनना बंद करो”। कुछ प्रदर्शनकारी यह भी कहते नज़र आए कि बीजेपी ने सत्ता में आने से पहले रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब उल्टा नौकरियां छीनने का काम कर रही है।
धरना स्थल पर कई छात्र नेता और विपक्षी दलों के प्रतिनिधि पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि राज्यव्यापी रूप लेगा। अगर रोजगार से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो इसे राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
प्रदर्शन को देखते हुए पटना पुलिस प्रशासन अलर्ट पर रहा। जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात किए गए ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था न हो।
👉 कुल मिलाकर, पटना में यह धरना-प्रदर्शन युवाओं की नाराज़गी और रोजगार संकट की गूंज को सामने ला रहा है, जो बीजेपी सरकार के खिलाफ एक बड़े मुद्दे के रूप में खड़ा हो रहा है।