उत्तराखंड-हिमाचल में बादल फटने, भारी बारिश और बाढ़” से हुई तबाही की खबर है। इसमें उत्तर प्रदेश के मजदूरों सहित 22 लोगों की मौत, सैकड़ों घर-दुकानों को नुकसान, सड़कें और पुल टूटने, नदियों में उफान आने और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी गई ह
बादल फटा, तबाही मची: उत्तराखंड-हिमाचल में भारी बरसात ने ली 22 जानें, यूपी के 7 मजदूर भी मारे गए
देहरादून/शिमला।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए। सोमवार देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी। देर रात करीब एक बजे उत्तराखंड के सहसपुरा क्षेत्र में अचानक बादल फट गया। देखते ही देखते नाले और नदियाँ उफान पर आ गईं। गांवों में पानी घुस गया और कई मकान, दुकानें और मंदिर बह गए।
बारिश और बादल फटने से उत्तर प्रदेश के सात मजदूरों समेत कुल 22 लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड में 17 और हिमाचल प्रदेश में पाँच लोगों की जान गई। मरने वालों में छह लोग मुरादाबाद के रहने वाले बताए गए हैं जबकि एक अमरोहा का रहने वाला था। कई मजदूर खदानों में काम कर रहे थे तभी अचानक पानी और मलबे की चपेट में आ गए।
शव मलबे में दबे मिले
उत्तराखंड के सहसपुरा क्षेत्र में मलबे के नीचे दबे 15 मजदूरों में से अब तक आठ के शव मिल चुके हैं। बाकी की तलाश जारी है। रेस्क्यू टीमों ने देर रात से ही मोर्चा संभाल रखा है। स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रही हैं।
नदियाँ उफान पर
भारी बारिश और बादल फटने के बाद ऋषिकेश, आसन और टोंस नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदियों में आए उफान से कई गाँवों का संपर्क कट गया। पुल टूट जाने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में बहने वाली रिस्पना नदी ने उफान मार दिया। नदी पर बना मोहिनी रोड का पुल भी बह गया।
स्कूल और संस्थान भी प्रभावित
देहरादून में टेढ़ी बस्ती इलाके के शैक्षणिक संस्थान परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया। यहाँ फंसे करीब 200 छात्रों को सुरक्षित निकाला गया। कई गाँवों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी है।
हिमाचल में भी तबाही
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। यहाँ बाढ़ आने से कई गाड़ियाँ बह गईं। दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर भूस्खलन की वजह से बंद हो गया। पाँच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
मकान गिरने से 8 दबे
मालदेवता इलाके में बारिश के चलते अचानक एक मकान गिर गया। उसमें दबकर आठ लोग जख्मी हो गए। इनमें से दो की मौत हो गई है जबकि छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन अलर्ट
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अब तक 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
संचार और बिजली बाधित
भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप हो गई। मोबाइल नेटवर्क बंद होने से लोगों को परिजनों से संपर्क करने में दिक्कत हो रही है।
लोगों में दहशत
लगातार बारिश और नदियों के उफान से लोग दहशत में हैं। कई गाँवों में लोग रातभर जागते रहे। प्रशासन ने रात्रि कर्फ्यू जैसे हालात में लाउडस्पीकर से लोगों को सुरक्षित जगह जाने की अपील की।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का शोक
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर दोनों राज्यों में जान-माल के नुकसान पर दुख जताया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवज़ा देने की घोषणा की है।
राहत शिविर बनाए गए
देहरादून, टिहरी और मंडी में राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें अब तक करीब 1500 लोगों को शिफ्ट किया गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भोजन और दवा की आपूर्ति प्रशासन द्वारा की जा रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई जगह भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। लोगों को नदी और नालों के पास न जाने की हिदायत दी गई है।