इस खबर में बताया गया है कि नेपाल में जन-आंदोलन के दौरान शीर्ष माओवादी नेताओं के घर और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। इनमें नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड (पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’) का खुमलतर स्थित निवास और लेखक-नेता चिंतन का घर भी शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने इन नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया और तोड़फोड़ की।
घटनाओं का विवरण
- खबर के अनुसार, जन-आंदोलन में शामिल भीड़ ने इन माओवादी नेताओं के घरों पर हमला किया, संपत्ति को क्षति पहुंचाई और घटनास्थल पर आगजनी की।
- प्रमुख घटनाएं काठमांडू के खुमलतर इलाके में प्रचंड की निजी संपत्ति, साथ ही अन्य माओवादी नेताओं के घरों में हुईं।
- इस हिंसा के पीछे जनता का आक्रोश और सरकार तथा नेताओं से नाराजगी मुख्य कारण मानी जा रही है।
नुकसान का ब्योरा
- पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड के मकान में आगजनी और तोड़फोड़ की गई, जिससे मकान और उसमें मौजूद सामान को भारी नुकसान हुआ।
- चिंतन का निवास भी नुकसान पहुंचा, उनके परिवार को सुरक्षित निकालना पड़ा।
- इसके अलावा माओवादी पार्टी के अन्य कई वरिष्ठ नेताओं के आवास व कार्यालयों को निशाना बनाया गया है।
- खबर में एक सूची भी दी गई है, जिसमें बताया गया है कि किन-किन नेताओं की संपत्तियों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई:
- पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’
- नारायणकाजी श्रेष्ठ
- कृष्णबहादुर महरा
- रामबहादुर थापा
- जनार्दन शर्मा
- देव गुरूंग
- बर्षमान पुन आदि
सरकारी कार्रवाई
- सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
- घटनास्थलों पर दमकल की गाड़ियां और पुलिस फोर्स मौजूद रही।
- प्रभावित नेताओं के परिवारों को सुरक्षा देते हुए सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
जन-आक्रोश के कारण
- जनता में यह गुस्सा कथित राजनीतिक विफलताओं और नेताओं के प्रति बढ़ती नाराजगी के चलते देखने को मिला।
- आंदोलन के चलते इन नेताओं की संपत्ति और उनके घरों को जान-बूझकर निशाना बनाया गया है, जिससे देश में तनाव की स्थिति है।
यह खबर नेपाल में मौजूदा असंतोष, राजनैतिक अस्थिरता और माओवादी नेताओं के खिलाफ जनाक्रोश को दर्शाती है, जिसमें राजनीतिक नेताओं की संपत्तियों को निशाना बनाया गया है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।