पैकेज्ड पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए जाने के कारण पेट में संक्रमण का खतरा निश्चित हो गया है। खाद सुरक्षा विभाग की जांच से पता चला कि बाजार में बिक रहा बोतलबंद पानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, बल्कि उसमें बैक्टीरिया मौजूद हैं जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।
मामला क्या है?
नोएडा, गीड़ा और माचा बाजार में खाद सुरक्षा विभाग ने विभिन्न दुकानों से पैकेटबंद पानी के नमूने लिए थे। जांच में कई नमूनों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले, जिससे पानी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। विभागीय अधिकारियों ने छह से अधिक ब्रांडों के 15 नमूने भेजे थे, जिनमें से अधिकांश अस्वीकृत पाए गए। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के पानी के रोजाना सेवन से लोगों को पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।
क्यों खतरनाक है कोलीफॉर्म बैक्टीरिया?
राज्य के जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि कोलीफॉर्म बैक्टीरिया आमतौर पर मल द्वारा फैलता है और यह पानी के माध्यम से शरीर में पहुंच सकता है। इससे दस्त, उल्टी, बुखार, डायरिया आदि गंभीर संक्रमण हो सकते हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर लोगों के लिए यह बेहद घातक साबित हो सकता है।
शुद्ध पानी की पहचान
खबर में यह भी बताया गया है कि कौन-कौन सा पानी शुद्ध माना जाता है। मार्केट में पैकेज्ड पानी शुद्धता के लिए अलग-अलग टेस्ट होते हैं, जैसे माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्ट, फिजिकल टेस्ट और केमिकल टेस्ट। यदि TDS 250 से 500 के बीच है तो पानी शुद्ध माना जाता है। विभाग ने सलाह दी हैं कि हमेशा पैकेज पर ISI मार्क देखकर ही पैक्ड पानी खरीदें।
विभाग की कार्रवाई
खाद सुरक्षा विभाग ने यह तय किया है कि बाजार में बिक रहे पैकेज्ड पानी की नियमित जांच जारी रखेगा। साथ ही, जांच में फेल होने वाले उत्पादों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने नागरिकों को जागरूक करते हुए कहा है कि यदि किसी को पानी पीने के बाद समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
निष्कर्ष
पैकेज्ड पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मिलावट बहुत गंभीर मामला है और इसके सेवन से पेट के संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। बाजार में बिक रहे हर ब्रांड को चुनने में सतर्कता बरतें और शुद्धता की जांच अवश्य करें।