गोरखपुर के डिसेंट हॉस्पिटल में 1.20 करोड़ रुपये की इंश्योरेंस ठगी के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को आयुष डॉक्टर अफजल अंसारी और अस्पताल के मैनेजर ताहिर खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने अस्पताल संचालक शरमूल कमर के छोटे भाई अफजल, जो खुद को सर्जन बताता था, और ताहिर खान मिलकर कई कंपनियों की फाइलों पर हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी की योजना बनाई।
ठगी का तरीका
- अफजल अंसारी की डिग्री केवल आयुष (डिग्री आयुष की) थी, लेकिन वह खुद को एमबीबीएस सर्जन बताता था।
- अस्पताल में भर्ती दिखाए गए मरीजों की फाइलों पर अफजल हस्ताक्षर करता, जबकि उसके पास केवल आयुष की डिग्री थी।
- इन हस्ताक्षरों के आधार पर बीमा कंपनियों से क्लेम पास कराए जाते थे और पैसे खुद रख लेते थे।
अभी तक की जांच
- जांच में अब तक 1.80 करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है।
- आशंका है कि फर्जीवाड़े में और भी लोग शामिल हैं। पुलिस ने नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्रतिक्रया और आगे की कार्रवाई
- एएसपी सिटी अभिनीत त्यागी ने बताया कि जल्दी ही गहन जांच कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
- मामले की विवेचना एसएसआई नितिन रघुवंशी श्रीरामपुर कर रहे हैं।
- ताहिर खान, जो अस्पताल के संचालन से जुड़ा था, उसका घर गोरखपुर का ही रहने वाला है।