सरयू नदी में कटान की वजह से गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र के ज्ञानकोल गांव में भीषण संकट खड़ा हो गया है। गांव के निवासी बंशी यादव का पक्का घर आपबुधवार तड़के लगभग आधा नदी में समा गया, जिससे उनके परिवार के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। अब गांव के 15 अन्य घरों पर भी कटान का खतरा गंभीर रूप से मंडरा रहा है।
घटना का विस्तार
- सरयू नदी का जलस्तर घटने के बावजूद नदी का कटान तेज़ हो गया है। बंशी यादव के मकान का हिस्सा कट कर नदी में समा गया है और बाकी घर भी खतरे की जद में आ गए हैं।
- मंगलवार को ही घर के नीचे कटान शुरू हो गया था और बुधवार की भोर में नदी ने मकान का आगे का हिस्सा पूरी तरह बहा दिया।
- अब गांव के कंता यादव, जनार्दन यादव, जयप्रकाश यादव, अशोक यादव, धर्मेंद्र यादव, संतोष यादव, फूलचंद यादव, फूलझार यादव, झब्बू यादव, सर्वजीत यादव, रामजी यादव, हरेंद्र यादव आदि के घर भी कटान की सीधी जद में हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत कार्य
- प्रशासन ने जानकारी दी है कि बंशी यादव को आपदा राहत कोष से 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद 24 घंटे के भीतर दी जा रही है।
- आवासीय पट्टे के लिए भी विचार किया जा रहा है।
- संबंधित विभाग कटान रोधी कार्य करा रहा है। जैतपुर छोड़कर सभी बाढ़ प्रभावित गांवों से नावें हटा ली गई हैं और बाढ़ पीड़ितों के बीच खाने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
- बगहा क्षेत्र में कटान रोकने के लिए ‘पॉर्क्यूपाइन’ विधि से कार्य चल रहा है।
पीड़ितों की स्थिति और दर्द
- बंशी यादव का कहना है कि उनका सबकुछ, खेत-खलिहान और मकान, सरयू में समा गया है। अब बच्चों के साथ तिरपाल में रहना पड़ रहा है। एक-एक पैसा जोड़कर घर बनाया था, जो अब पूरी तरह खत्म हो गया। आगे की जिंदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
- गांव के अन्य लोगों ने बताया कि खेत-खलिहान तो पहले ही नदी में समा चुके थे और अब घरों के भी कटने का डर है। रात-दिन डर के साए में दिन काटना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कटान पीड़ितों को दूसरी जगह बसाने की ठोस व्यवस्था की जाए।
तकनीकी व्यवस्था और चुनौतियाँ
- सिंचाई विभाग द्वारा कटान रोधी कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन नदी का बहाव और जलस्तर इतना तेज़ है कि डर की स्थिति बनी हुई है। कई घरों के पास नदी अब बिल्कुल करीब आ गई है।
- प्रशासन की निगरानी सतत चल रही है, पर कटान रोकने की स्थाई व्यवस्था अभी नहीं हो सकी है।
यह घटना जिले में लगातार हो रहे कटान से प्रभावित लोगों के जीवन पर गहरा असर डाल रही है, और वे कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।