उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती से जुड़े फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा किया। सीएम ने लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि एक ही व्यक्ति के नाम पर कई लोगों को नौकरी दिलाई गई, जो भ्रष्टाचार का बेहद गंभीर उदाहरण है। इस गड़बड़ी में शामिल सभी लोगों पर कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मामला क्या है?
वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती की गई थी।
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि एक ही नाम के आधार पर छह अलग-अलग जिलों में नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए।
यानी, एक व्यक्ति ‘अर्पित’ के नाम पर छह लोगों को नौकरी मिल गई।
यह फर्जीवाड़ा इतने सुनियोजित तरीके से किया गया कि विभाग को लंबे समय तक पता ही नहीं चल सका।
सीएम का कड़ा रुख
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि –
“ऐसा फर्जीवाड़ा न केवल शासन की छवि को खराब करता है बल्कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है।”
उन्होंने साफ किया कि इस घोटाले में शामिल हर अधिकारी और कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज होगा।
सीएम ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद “महाभारत के कई रिश्ते जेल जाएंगे।”
जांच रिपोर्ट से बड़ा खुलासा
जांच में पाया गया कि 403 एक्स-रे टेक्नीशियन पदों के लिए चयन सूची बनाई गई थी।
इनमें से करीब 80 पदों पर फर्जी तरीके से नियुक्ति कर ली गई।
कई लोगों ने एक ही नाम का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग जगह से नियुक्ति ले ली।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं था।
सरकार की कार्रवाई
स्वास्थ्य महानिदेशक (पैरामेडिकल) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई।
जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू होगी।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईमानदार अभ्यर्थियों का हक मारा न जाए, उनके अधिकारों की रक्षा की जाए।
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम
सोमवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1112 कनिष्ठ सहायक और 22 एक्स-रे टेक्नीशियन सहित 1134 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
इस मौके पर सीएम ने कहा कि पारदर्शिता ही सरकार की प्राथमिकता है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले अब जेल की हवा खाएंगे।