कुलगाम (जम्मू-कश्मीर)।
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम ज़िले के गुडर वन क्षेत्र में सोमवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो आतंकियों को ढेर कर दिया। वहीं, दुश्मन से लड़ते हुए सेना के दो जांबाज जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया और तीन अन्य जवान घायल हो गए। शहीद हुए जवानों में सूबेदार प्रभात गौड़ और लांसनायक नरेंद्र सिंह शामिल हैं। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ तलाशी अभियान देर रात तक जारी रखा और क्षेत्र को घेराबंदी में लिया गया।
मुठभेड़ की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली थी कि कुलगाम के गुडर वन क्षेत्र में 2–3 आतंकी छिपे हुए हैं। इस इनपुट के आधार पर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। सुबह करीब साढ़े छह बजे सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसओजी की टीमें इलाके में पहुंचीं और घेराबंदी की। आतंकियों ने खुद को घिरता देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
आतंकियों की पहचान
मारे गए आतंकियों में एक की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के स्थानीय आतंकी आमिर अहमद डार के रूप में हुई है। आमिर 2023 से सक्रिय था और सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में शामिल था। उसका नाम उन 14 आतंकियों में था जिनकी तलाश में सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे थे। दूसरा आतंकी पाकिस्तानी बताया जा रहा है, जिसकी पहचान रहमान भाई के रूप में हुई है। रहमान भाई लंबे समय से पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय था और स्थानीय युवाओं को आतंक की राह पर ले जाने का काम करता था।
सुरक्षाबलों का जवाब
आतंकियों की भारी फायरिंग के बीच सेना के जवानों ने भी डटकर मुकाबला किया। इस दौरान सेना के जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) सूबेदार प्रभात गौड़ और लांसनायक नरेंद्र सिंह शहीद हो गए। तीन अन्य जवान भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए सेना के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया। घायल जवानों का इलाज जारी है।
चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन
ऑपरेशन के दौरान मौसम भी सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बन गया। पहाड़ी और वन क्षेत्र होने के कारण अभियान को अंजाम देने में कठिनाई आई। बावजूद इसके, जवानों ने आतंकियों को चारों ओर से घेर लिया और देर रात तक गोलीबारी जारी रही। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा और अतिरिक्त बल की तैनाती की गई।
शहीद जवानों की शहादत
सूबेदार प्रभात गौड़ और लांसनायक नरेंद्र सिंह ने देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। दोनों जवानों की वीरता और समर्पण ने फिर साबित कर दिया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में मातृभूमि की रक्षा के लिए तत्पर रहती है। उनकी शहादत को पूरा देश नमन कर रहा है। सेना अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर दुश्मन को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक का बयान
जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (DGP) नीलम प्रभात ने घटनास्थल का दौरा किया और ऑपरेशन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का यह अभियान बड़ी सफलता है। हालांकि इसमें हमारे दो जांबाज शहीद हो गए, लेकिन उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। डीजीपी ने कहा कि जब तक आखिरी आतंकी को खत्म नहीं कर दिया जाता, तब तक इस क्षेत्र में अभियान जारी रहेगा।
आतंकी नेटवर्क पर बड़ी चोट
कुलगाम की इस मुठभेड़ को सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। आमिर अहमद डार जैसे स्थानीय आतंकी का मारा जाना संगठन के लिए करारा झटका है। वहीं, रहमान भाई जैसे पाकिस्तानी आतंकी के ढेर होने से यह भी साफ हो गया है कि पाकिस्तान अब भी घाटी में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस मुठभेड़ के बाद लश्कर-ए-तैयबा की सक्रियता को गहरा धक्का लगेगा।
निष्कर्ष
कुलगाम की यह मुठभेड़ एक बार फिर यह साबित करती है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं है। हमारे जवान हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर देश को सुरक्षित रखने में जुटे हैं। दो जांबाजों की शहादत ने देशवासियों की आंखें नम कर दीं, लेकिन साथ ही गर्व भी भर दिया। सुरक्षाबलों का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक जम्मू-कश्मीर पूरी तरह आतंकमुक्त नहीं हो जाता।