झगड़ा क्यों और कहाँ हुआ?
- सीट शेयरिंग विवाद
जेडीयू ने बीजेपी से एक सीट अधिक की मांग की है, यह कहते हुए कि राज्य में उनकी स्थिति मजबूत है और “बड़े भाई” के तौर पर भूमिका निभाने योग्य हैं। हालांकि, अभी तक इस पर कोई सहमति नहीं बनी है और अंदरूनी चर्चा जारी है।
एनडीए गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे को लेकर 15 सितंबर तक ऐलान संभव है, लेकिन चर्चा अभी अंतिम रूप में नहीं आई है।
- चुनावी रणनीति और सत्ता साझेदारी
बिहार चुनाव (2025) की तैयारियों में 27 सीटों के आसपास की मांग और प्रतिद्वंद्विता दोनों ही गठबंधन में जारी हैं। इस कारण बीजेपी-जेडीयू के बीच बातचीत में तनाव प्रतीत हो रहा है।
राजनीतिक माहौल में उभरती खटास
तेजस्वी यादव (RJD) ने NDA सरकार पर 20 सालों से बिहार का विकास न हो पाने का आरोप लगाया। इसके जवाब में बीजेपी ने राज्य में हुए विकास—सड़क कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था, कल्याण योजनाओं—का हवाला दिया।
चौड़ाय (डिप्टी सीएम, बिहार) ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी-जेडीयू गठबंधन “प्राकृतिक” गठबंधन है और नीतीश कुमार ही सीएम चेहरे बने रहेंगे।
कौन-कौन से मुद्दे सामने आए?
मुद्दा विवरण
सीट शेयरिंग असहमति जेडीयू ज्यादा सीट की मांग कर रही है, अभी तक सहमति नहीं।
रणनीतिक तनाव गठबंधन में हो रही सीट की बातचीत राजनीतिक खींचतान का मुख्य कारण।
मीडिया में बयानबाज़ी RJD, BJP दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप तेज़ कर दिए हैं।
निष्कर्ष
बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच हाल की “धक्का-मुक्की” मुख्यतः सीट-बंटवारे और चुनावी अखाड़े में सत्ता के लिए हो रही रणनीतिक खींचतान से जुड़ी हैं। यह टकराव अब अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के परिदृश्य में और तीव्र हो सकता है।