पंजाब राज्य में हाल ही में आई बाढ़ ने वहां की अर्थव्यवस्था को गहरा आघात पहुँचाया है।
खेतों में खड़ी धान, मक्का और गन्ने जैसी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ।
डेयरी उद्योग, जो पंजाब की आय का बड़ा हिस्सा है, पशुओं की मौत और चारे की कमी से प्रभावित हो गया।
सड़कें, पुल और रेलवे ट्रैक टूटने से परिवहन व्यवस्था ठप हो गई और व्यापारिक गतिविधियाँ रुक गईं।
कई छोटे उद्योग और दुकानदार भी जलभराव से बर्बाद हो गए, जिससे रोज़गार का संकट बढ़ा।
राज्य सरकार को राहत और पुनर्वास कार्यों पर भारी खर्च करना पड़ रहा है, जिससे वित्तीय बोझ और बढ़ गया।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों का पलायन हुआ, जिससे श्रमशक्ति की कमी भी महसूस हो रही है।
कुल मिलाकर, पंजाब की अर्थव्यवस्था इस प्राकृतिक आपदा से गहरे संकट में पहुँच गई है और इसे उबारने में लंबा समय लगेगा।