गोरखनाथ मंदिर में राष्ट्रीय सुरक्षा संगोष्ठी और सीएम योगी के उद्बोधन
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर स्थित दिग्विजयनाथ सभागार में ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने की, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन:
- मुख्यमंत्री ने कहा कि देशवासी चैन की नींद इसलिए सो पाते हैं क्योंकि हमारे सैनिक देश के मोर्चे पर, माइनस 50 डिग्री तापमान जैसी कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा के लिए खड़े रहते हैं.
- उन्होंने भारतीय सेना को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक बताया और इस पर गर्व व्यक्त किया.
- योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध के तरीके बदले हैं, लेकिन इन बदली परिस्थितियों में भी हमारी सेना ने दुश्मन को उसकी सीमाओं का एहसास कराया है.
- उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक राष्ट्र को विकसित बनाने के विजन का भी उल्लेख किया.
गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतों को नमन:
- मुख्यमंत्री ने गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि आध्यात्मिक साधना के साथ उनका पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा.
- उन्होंने कहा कि इन महंतों ने पांथिक संकीर्णता में बंधे रहने के बजाय भारत और भारतीयता के लिए किए गए हर आह्वान में बढ़-चढ़कर भाग लिया.
- उन्होंने बताया कि इनकी स्मृति में राष्ट्र से जुड़े विषयों पर संगोष्ठी का यह आयोजन गुरु परंपरा के प्रति गौरव और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है.
शिक्षक दिवस की बधाई:
- मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर याद किया और इस अवसर पर मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस की सभी शिक्षकों को बधाई दी.
- उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन को एक दार्शनिक शिक्षक बताया, जिन्होंने समाज के मुद्दों को दार्शनिक अंदाज में देश और दुनिया के सामने रखा.
सीडीएस अनिल चौहान का उद्बोधन (संक्षेप में):
- सीडीएस अनिल चौहान ने राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर बात की और कहा कि युद्ध राजनीति का ही विस्तार है, जिसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति से अलग नहीं देखा जा सकता.
- उन्होंने बालाकोट ऑपरेशन और उरी व पुलवामा हमलों के बाद की रणनीति का उदाहरण देते हुए भारतीय सेना की क्षमताओं को रेखांकित किया.
- उन्होंने बताया कि चीन के साथ सीमा विवाद सबसे बड़ी चुनौती है और वर्तमान में युद्ध के तौर-तरीके बदल रहे हैं.
यह खबर भारतीय सेना के शौर्य, राष्ट्रीय सुरक्षा के बदलते परिदृश्य, और गुरु परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालती है, जिसमें राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के विचार भी शामिल हैं.