वर्ल्ड न्यूज़ चैनल विशेष रिपोर्ट
नौसड़ लूटकांड : दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों का रोका गया वेतन
गोरखपुर के बेलीपार इलाके में नौसड़ से राजस्थान जा रहे युवक से हुई लूटकांड की गुत्थी अब और उलझती जा रही है। इस पूरे मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों का वेतन रोक दिया है। आरोप है कि निलंबित पुलिसकर्मियों ने विभाग को न तो अपनी आय का ब्यौरा (आमद कराई) दिया और न ही नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया।
घटना का विवरण
मामला बेलीपार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, राजस्थान निवासी युवक जब नौसड़ से गुजर रहा था, तभी पुलिसकर्मियों द्वारा उससे लूटपाट की गई। यह मामला सुर्खियों में आने के बाद एसएसपी के आदेश पर जांच शुरू की गई। जांच में दरोगा शुभम श्रीवास्तव समेत तीन पुलिसकर्मी संलिप्त पाए गए।
इसके बाद इन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभाग की ओर से उनसे आय का ब्यौरा मांगा गया, लेकिन तीनों ने न तो आय विवरण जमा किया और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया।
जांच और कार्रवाई
एसपी सिटी अभिनंदन त्यागी ने बताया कि लूटकांड से जुड़ी यह घटना अत्यंत गंभीर है। निलंबित पुलिसकर्मियों को कई बार मौका देने के बावजूद उन्होंने विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया। नतीजतन, तीनों का वेतन रोकने का निर्णय लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, यदि निलंबित पुलिसकर्मी जल्द ही अपना जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसमें सेवा समाप्ति तक की अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
मेडिकल की जांच और साक्ष्य
लूटकांड के पीड़ित युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया था। मेडिकल रिपोर्ट की सत्यता की पुष्टि के लिए मध्य प्रदेश से विशेष पुलिस टीम गोरखपुर पहुंची। टीम ने मेडिकल दस्तावेजों की गहनता से जांच की। यदि मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि होती है, तो पुलिसकर्मियों पर धारा 14(1) के तहत विभागीय दंडात्मक कार्यवाही और कड़ी हो जाएगी।
स्थानीय स्तर पर हलचल
नौसड़ लूटकांड के उजागर होने के बाद से ही इलाके में चर्चा का माहौल है। जनता में इस बात को लेकर आक्रोश है कि सुरक्षा देने वाली पुलिस ही लूट की वारदात में शामिल पाई गई। आम लोगों ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए।
निष्कर्ष
फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों पर विभाग की नजर टिकी हुई है। समय रहते यदि वे आय का ब्यौरा और नोटिस का जवाब दाखिल नहीं करते हैं तो यह मामला उनके करियर के लिए घातक साबित हो सकता है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
👉 यह था गोरखपुर से नौसड़ लूटकांड पर हमारी विस्तृत रिपोर्ट।