उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक दर्दनाक घटना से गांव में मातम पसरा हुआ है। लार थाना क्षेत्र के नेमा गांव के बड़का टोला में शुक्रवार शाम बच्चों को घुमाने निकले एक बुजुर्ग और उनके दो पोते अचानक लापता हो गए। पूरी रात परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। शनिवार सुबह गांव के तालाब में एक बच्चे का खिलौना दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने पानी में तलाश शुरू की। कुछ देर बाद सात वर्षीय बच्चे का शव बरामद हुआ।
इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, लापता बुजुर्ग और दूसरे बच्चे की तलाश के लिए पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से तालाब में खोजबीन करा रही है।
बच्चों को घुमाने निकले थे 60 वर्षीय पीतांबर चौहान
जानकारी के अनुसार, नेमा गांव निवासी 60 वर्षीय पीतांबर चौहान शुक्रवार शाम अपने पोते और नाती को लेकर गांव के चौराहे की ओर घूमने निकले थे। परिवार को उम्मीद थी कि वे कुछ देर में बच्चों के साथ घर लौट आएंगे, लेकिन देर शाम तक तीनों वापस नहीं पहुंचे।
इसके बाद परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू कर दी। रातभर खोजबीन की गई, लेकिन बुजुर्ग और दोनों बच्चों का कोई पता नहीं चल सका।
तालाब में मिला बच्चे का खिलौना, शुरू हुई तलाश
शनिवार सुबह गांव के तालाब में एक बच्चे का खिलौना दिखाई दिया। इसे देखकर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद गांव के लोग तालाब में उतरकर तलाश करने लगे।
खोजबीन के दौरान सात वर्षीय बच्चे का शव तालाब से बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही लार थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
दादा और दूसरे बच्चे की तलाश जारी
एक बच्चे का शव मिलने के बाद भी परिवार की चिंता कम नहीं हुई है। 60 वर्षीय पीतांबर चौहान और दूसरे बच्चे का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से तालाब में उनकी तलाश करा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि तीनों के साथ वास्तव में क्या हुआ था। घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी तलाश और पुलिस की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
एक मासूम बच्चे का शव मिलने के बाद नेमा गांव में शोक का माहौल है।
परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं और
लापता बुजुर्ग तथा दूसरे बच्चे के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
तालाब और जलाशयों के आसपास बच्चों की सुरक्षा जरूरी
यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। गांवों में तालाब,
पोखरे और अन्य जलाशयों के आसपास बच्चों को अकेले जाने से रोकना और उनकी निगरानी करना बेहद जरूरी है।
खासकर छोटे बच्चों को पानी के आसपास ले जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
निष्कर्ष
देवरिया के नेमा गांव में एक बुजुर्ग और दो बच्चों के लापता होने की घटना ने पूरे
इलाके को दुखी कर दिया है। शनिवार सुबह तालाब से सात वर्षीय बच्चे का
शव मिलने के बाद अब सभी की नजरें लापता पीतांबर चौहान और
दूसरे बच्चे की तलाश पर टिकी हैं। पुलिस और ग्रामीण उनकी खोज में जुटे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. देवरिया में यह घटना कहां हुई है?
यह घटना देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के नेमा गांव के बड़का टोला में हुई है।
2. तालाब से किसका शव मिला है?
शनिवार सुबह तालाब से सात वर्षीय बच्चे का शव बरामद हुआ।
3. कितने लोग लापता हुए थे?
शुक्रवार शाम 60 वर्षीय पीतांबर चौहान अपने दो पोतों को लेकर निकले थे।
तीनों के लापता होने की सूचना मिली थी।
4. क्या दादा और दूसरा बच्चा मिल गए हैं?
नहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों की तलाश जारी है।
5. तलाश में कौन जुटा है?
लार थाना पुलिस स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तालाब में तलाश करा रही है।
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