नई दिल्ली | 7 नवंबर 2026
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सप्ताह जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत उछाल के साथ निफ्टी ने 25,000 का स्तर फिर पार कर लिया। पांच वर्षों में यह सबसे शानदार साप्ताहिक प्रदर्शन रहा, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ा।
शेयर बाजार में तेजी से निवेशकों की बल्ले-बल्ले, सेंसेक्स 81 हजार के पार
भारतीय शेयर बाजार ने नवंबर 2026 के पहले सप्ताह में शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी है। लगातार सात कारोबारी सत्रों तक तेजी बने रहने के बाद शुक्रवार, 6 नवंबर को बाजार ने एक बार फिर नया उत्साह दिखाया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। खास बात यह रही कि निफ्टी ने आठ महीने से अधिक समय बाद 25,000 का महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया।
सेंसेक्स में 1,718 अंकों की जोरदार उछाल
शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,028.02 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 में 493.75 अंकों यानी 2.01 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 25,030.35 अंक पर पहुंच गया।
इस तेजी के साथ दोनों प्रमुख सूचकांकों ने आठ महीने से अधिक समय का अपना उच्चतम क्लोजिंग स्तर दर्ज किया। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में लगभग 8.82 प्रतिशत और निफ्टी में 8.58 प्रतिशत की बढ़त रही। फरवरी 2021 के बाद यह दोनों सूचकांकों का सबसे शानदार साप्ताहिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
निवेशकों की संपत्ति में करीब 30 लाख करोड़ रुपये का इजाफा
शेयर बाजार में आई इस तेजी का सीधा फायदा निवेशकों की कुल संपत्ति पर देखने को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 503 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में आई तेजी के दौरान निवेशकों की संपत्ति में करीब 30 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पिछले सात कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स लगभग 7,782 अंक और निफ्टी करीब 2,331 अंक चढ़ा।
इस तेजी ने उन निवेशकों को राहत दी है।
पिछले कुछ महीनों से बाजार में लगातार गिरावट और अनिश्चितता का सामना कर रहे थे।
विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को मिला सहारा
भारतीय शेयर बाजार में तेजी के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी को एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
लंबे समय तक भारतीय बाजार से दूरी बनाए रखने वाले विदेशी निवेशकों ने नवंबर के शुरुआती कारोबारी दिनों में बड़े स्तर पर निवेश किया।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सात कारोबारी सत्रों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों में लगभग 51,918 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।
विदेशी पूंजी के बाजार में लौटने से प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी और बाजार को मजबूती मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बढ़ा भरोसा
शेयर बाजार की तेजी में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी अहम भूमिका निभाई।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है।
ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें कम होने से देश के आयात बिल, महंगाई और रुपये पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ती है।
इसके अलावा रुपये की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावनाओं ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इन परिस्थितियों के कारण विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार अपेक्षाकृत आकर्षक नजर आया।
वैश्विक बाजार में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत
दिलचस्प बात यह रही कि जब भारतीय शेयर बाजार में तेजी दर्ज की जा रही थी,
उसी दौरान दुनिया के कई प्रमुख बाजारों में गिरावट देखने को मिली।
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और निवेश पर संभावित रिटर्न को लेकर चिंताओं ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बनाया।
इसके बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई।
घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेश और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भारतीय बाजार को वैश्विक दबाव से काफी हद तक बचाए रखा। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेश की दिशा आने वाले दिनों में भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।
Facts/Details: बाजार की तेजी के महत्वपूर्ण आंकड़े
- सेंसेक्स: 81,028.02 अंक पर बंद।
- सेंसेक्स की दैनिक बढ़त: 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत।
- निफ्टी: 25,030.35 अंक पर बंद।
- निफ्टी की दैनिक बढ़त: 493.75 अंक यानी 2.01 प्रतिशत।
- साप्ताहिक तेजी: सेंसेक्स 8.82 प्रतिशत और निफ्टी 8.58 प्रतिशत।
- विदेशी निवेश: सात सत्रों में लगभग 51,918 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश।
- निवेशकों की संपत्ति: करीब 30 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि।
- बाजार पूंजीकरण: बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 503 लाख करोड़ रुपये।
Statement: बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की वापसी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू कंपनियों के बेहतर तिमाही प्रदर्शन ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी है।
हालांकि निवेशकों को केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए।
बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहती है,
इसलिए निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. भारतीय शेयर बाजार में इतनी तेजी क्यों आई?
विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रुपये की मजबूती और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों के कारण बाजार में तेजी आई।
2. 6 नवंबर 2026 को सेंसेक्स कितने पर बंद हुआ?
सेंसेक्स 1,718.01 अंक की बढ़त के साथ 81,028.02 अंक पर बंद हुआ।
3. निफ्टी ने कितने का स्तर पार किया?
निफ्टी 50 ने 25,000 का स्तर पार करते हुए 25,030.35 अंक पर कारोबार समाप्त किया।
4. पांच वर्षों में बाजार का यह सबसे अच्छा सप्ताह क्यों कहा जा रहा है?
इस सप्ताह की तेजी फरवरी 2021 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त रही। इसलिए इसे लगभग छह वर्षों का सबसे शानदार सप्ताह कहना अधिक सटीक है।
5. क्या आने वाले दिनों में शेयर बाजार में तेजी जारी रहेगी?
बाजार की आगे की दिशा विदेशी निवेश, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक परिस्थितियों और कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। तेजी जारी रहने की कोई गारंटी नहीं है।
Conclusion
भारतीय शेयर बाजार की रिकॉर्ड तेजी ने निवेशकों में नया उत्साह पैदा किया है।
सेंसेक्स का 81 हजार और निफ्टी का 25 हजार के पार पहुंचना बाजार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
हालांकि निवेशकों को सावधानी और समझदारी के साथ निवेश करना चाहिए।