फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज़ रिपोर्ट
नाथ पंथ : देशभर से साधु-संत जुटेंगे, होगी अमृत वर्षा
गोरखपुर। गोरक्षनाथ मंदिर में इस बार एक भव्य और दिव्य आयोजन होने जा रहा है। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 56वीं और महंत अवैद्यनाथ की 11वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक सप्ताह का विशाल आयोजन 5 सितंबर से शुरू होकर 11 सितंबर तक चलेगा। इस अवसर पर देशभर से साधु-संत, विद्वान और संत समाज जुटेगा। गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इसकी अध्यक्षता करेंगे।
कार्यक्रम और विशेष आकर्षण
- 5 सितंबर को सुबह 10:30 बजे उद्घाटन समारोह होगा। इसमें “ऑपरेशन सिद्धि : बदलता भारत का सर्जिकल स्ट्राइक” विषय पर विशेष व्याख्यान होगा।
- 6 सितंबर को “भारत की ज्ञान परंपरा” पर संगोष्ठी होगी।
- 7 सितंबर को “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : भारतीयता की ओर” विषय पर चर्चा होगी।
- 8 सितंबर को “भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति” पर मंथन होगा।
- 9 सितंबर को “भारतीय संस्कृति एवं परिवार व्यवस्था” पर विशेष कार्यक्रम होगा।
- 10 सितंबर को महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर भव्य श्रद्धांजलि सभा और शोभायात्रा निकाली जाएगी।
- 11 सितंबर को महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा संपन्न होगी।
श्रीमद्भागवत कथा और ज्ञान यज्ञ
4 से 10 सितंबर तक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन होगा। कथा का वाचन सुप्रसिद्ध संत आचार्य शिव प्रसाद दीक्षित ‘मधुसूदनाचार्य’ करेंगे। भजन, कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों से वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहेगा।
मंदिर की भव्य सजावट
इस मौके पर गोरखनाथ मंदिर को भव्य रोशनी से सजाया गया है। दिव्यांगजन्म भवन को विशेष रूप से तैयार किया गया है ताकि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे आयोजन के दौरान लाखों भक्तों के आने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्थाएँ की हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा
श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास और यातायात की सभी व्यवस्थाएँ की गई हैं। शोभायात्रा में शामिल होने वाले रथों की भी विशेष तैयारी की गई है।
इस तरह, गोरखपुर का गोरक्षनाथ मंदिर आने वाले दिनों में न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि पूरे देश में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का केंद्र बनने जा रहा है। साधु-संतों की मौजूदगी और अमृत वर्षा जैसे आध्यात्मिक माहौल से गोरखपुर का वातावरण पूर्णतः दिव्य और भव्य होगा।
👉 फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज़ के लिए, गोरखपुर से विशेष रिपोर्ट