धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में उतरे सनातनी, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर, 5 नवंबर 2026।

मध्य प्रदेश के बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में सनातनी समाज के लोग सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणियों और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

मुख्य समाचार

गोरखपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में सनातनी समाज के लोगों ने आवाज बुलंद की है। उनके खिलाफ सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर कथित तौर पर अभद्र भाषा, आपत्तिजनक टिप्पणियों और अपशब्दों के प्रयोग को लेकर नाराजगी जताई गई है। इस संबंध में बागेश्वरधाम सुंदरकांड मंडल केंद्रीय समिति की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ऐसी गतिविधियों पर तत्काल प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बागेश्वरधाम सुंदरकांड मंडल केंद्रीय समिति, गढ़ा जिला छतरपुर (मध्य प्रदेश) की ओर से गोला कोतवाली प्रभारी सीपी पाण्डेय के माध्यम से जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया गया। समिति के सदस्यों ने ज्ञापन के जरिए अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक विषय पर असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में उतरे सनातनी, गोला कोतवाली में सौंपा ज्ञापन

समिति ने अपने ज्ञापन में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के धार्मिक और सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके प्रयासों से निर्धन कन्याओं के विवाह, पर्यावरण संरक्षण, सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार, कैंसर अस्पताल निर्माण और जरूरतमंद लोगों के लिए अन्नपूर्णा भंडारे जैसी सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

समिति का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और कथाओं के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक विषयों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में किसी प्रसंग को लेकर मतभेद होने पर भी संवाद और मर्यादित भाषा का सहारा लिया जाना चाहिए।

भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के नाम वाले प्रसंग पर हुआ विवाद

ज्ञापन में हाल ही में कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े एक प्रसंग का भी उल्लेख किया गया है। समिति के अनुसार, आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के दौरान विनोद भाव में भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के नाम का उल्लेख किया था। समिति का दावा है कि इस प्रसंग के माध्यम से उनका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्तों की आस्था, प्रेम और भक्ति भावना को दर्शाना था।

हालांकि, इस प्रसंग को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। मामले को लेकर उठे विवाद के बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना भी की थी।

बागेश्वरधाम के समर्थन में सनातनियों ने सौंपा ज्ञापन,

समिति ने कहा कि सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने के बावजूद उनके खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाना चिंताजनक है। धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा करते समय सभी पक्षों को

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन से मांग

ज्ञापन के माध्यम से समिति ने प्रशासन का ध्यान सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक सामग्री और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों की ओर आकर्षित किया है। समिति की मांग है कि किसी भी व्यक्ति या धार्मिक व्यक्तित्व के खिलाफ अशोभनीय भाषा,

व्यक्तिगत अपमान और सामाजिक तनाव पैदा करने वाली टिप्पणियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए।

समिति ने यह भी कहा कि धार्मिक विषयों पर मतभेद होने की स्थिति में संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जानी चाहिए।

किसी भी धर्म, संप्रदाय या धार्मिक व्यक्तित्व के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना अपराध है।

समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकता है।

बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

ज्ञापन में प्रशासन से आग्रह किया गया है।

कि सोशल मीडिया और सड़कों पर होने वाले प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकताहै।

तथा सामाजिक मर्यादा का ध्यान रखा जाए। यदि कोई व्यक्ति या समूह जानबूझकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने

अथवा कानून का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों में शामिल पाया जाता है।

उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

इस पूरे मामले में समिति ने प्रशासन से निष्पक्षता के साथ कार्रवाई किया

धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

फिलहाल ज्ञापन के माध्यम से उठाई गई मांगों पर प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई या प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।

Headings

भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के नाम वाले प्रसंग पर हुआ विवाद

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन से मांग

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में समिति ने सौंपा ज्ञापन

Facts / Details

मामले से जुड़ी प्रमुख जानकारी:

  • विषय: बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में ज्ञापन।
  • स्थान: गोला, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
  • ज्ञापन देने वाली संस्था: बागेश्वरधाम सुंदरकांड मंडल केंद्रीय समिति।
  • संस्था का पता: गढ़ा, जिला छतरपुर, मध्य प्रदेश।
  • ज्ञापन सौंपने का माध्यम: गोला कोतवाली प्रभारी सीपी पाण्डेय।
  • विवाद का कारण: कथा प्रसंग को लेकर सोशल मीडिया पर उठी आपत्तियां।
  • पीठाधीश्वर का पक्ष: सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना किए जाने का उल्लेख।
  • मुख्य मांग: अभद्र टिप्पणियों और आपत्तिजनक सामग्री पर रोक।
  • प्रशासन से अपेक्षा: सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले कृत्यों पर नियमानुसार कार्रवाई।

Statement

समिति के ज्ञापन के अनुसार, धार्मिक विषयों पर असहमति व्यक्त करना सभी का अधिकार है,

लेकिन किसी भी व्यक्ति या धार्मिक व्यक्तित्व के खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। समिति ने प्रशासन से मांग की है।

सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय टिप्पणियों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कौन हैं?

पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर हैं।

वह धार्मिक कथाओं और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए जाने जाते हैं।

Q2. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में ज्ञापन किसने दिया?

बागेश्वरधाम सुंदरकांड मंडल केंद्रीय समिति, गढ़ा जिला छतरपुर की ओर से ज्ञापन दिया गया।

Q3. ज्ञापन किसके माध्यम से प्रशासन को सौंपा गया?

ज्ञापन गोला कोतवाली प्रभारी सीपी पाण्डेय के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपा गया।

Q4. विवाद किस बात को लेकर हुआ है?

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के नाम से जुड़े एक प्रसंग को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं।

इसके बाद सोशल मीडिया पर विरोध और टिप्पणियां सामने आईं।

Q5. समिति ने प्रशासन से क्या मांग की है?

समिति ने अभद्र टिप्पणियों, अपशब्दों और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

Conclusion

बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर के समर्थन में सौंपे गए ज्ञापन ने धार्मिक अभिव्यक्ति और सामाजिक मर्यादा से जुड़े मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है।

अब प्रशासन की भूमिका पर नजर रहेगी कि वह ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर क्या कदम उठाता है।

बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में गोला गोरखपुर में ज्ञापन सौंपने से जुड़ी खबर।