KGMU धर्मांतरण मामला: आरोपी डॉक्टर के माता-पिता पर मेडिकल छात्राओं को पढ़ाई छोड़ने के लिए प्रभावित करने का आरोप, जांच में सामने आईं कई बातें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े कथित धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में जांच के दौरान नए आरोप सामने आए हैं। आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन उर्फ रमीज पर आरोप है कि वह मेडिकल की पढ़ाई कर रही युवतियों को अपने प्रभाव में लेकर उनकी पढ़ाई छुड़वाने की कोशिश करता था। जांच में उसके माता-पिता की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी पहले छात्राओं से नजदीकियां बढ़ाता था और फिर उन्हें अपने माता-पिता से मिलवाता था। आरोप है कि इसके बाद परिवार के सदस्य और कुछ अन्य लोग छात्राओं को धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने तथा धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित करते थे। मामले में यौन शोषण, निजी तस्वीरों और वीडियो के कथित दुरुपयोग तथा धमकी देने जैसे आरोप भी शामिल हैं।

मेडिकल छात्राओं को पढ़ाई से दूर करने की कोशिश का आरोप

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर नहीं चाहता था कि उसके संपर्क में आई मेडिकल छात्राएं अपनी पढ़ाई पूरी करें। आगरा में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के मामले में आरोप लगाया गया कि उसे धीरे-धीरे पढ़ाई से दूर करने का प्रयास किया गया।

बताया गया है कि आरोपी छात्रा को अपने माता-पिता से मिलवाता था। इसके बाद उसके माता-पिता भी छात्रा से बातचीत करते थे। आरोप है कि लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित फ्लैट पर छात्राओं की मुलाकात कुछ अन्य धार्मिक व्यक्तियों से भी कराई जाती थी।

जांच में यह भी आरोप सामने आया कि छात्राओं को उनके परिवार और पुराने सामाजिक संबंधों से दूर करने का प्रयास किया जाता था। उनके त्योहार मनाने और निजी जीवन से जुड़े फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।

हालांकि, ये सभी आरोप जांच में सामने आए बयानों और पुलिस के दावों पर आधारित हैं। इनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

आरोपी के माता-पिता की भूमिका पर भी गंभीर सवाल

इस मामले में आरोपी के पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा की भूमिका को लेकर भी जांच में आरोप सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्राओं को अपने माता-पिता से मिलवाता था और उनके माध्यम से भी कथित रूप से दबाव बनाया जाता था।

एक पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी की मां ने उससे संपर्क किया था। इसके बाद उसे परिवार के अन्य सदस्यों और कुछ दूसरे लोगों से मिलवाया गया। आरोप है कि इन मुलाकातों का उद्देश्य छात्रा को प्रभावित करना और उसकी सोच बदलना था।

जांच एजेंसियों ने आरोपी के माता-पिता के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की है। मामले में परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी और पूछताछ से जुड़े पहलू भी जांच का हिस्सा रहे हैं।

शराब पिलाने और निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप

मामले में सामने आए एक अन्य आरोप के अनुसार, वर्ष 2012 में आरोपी ने एक छात्रा को डांस प्रैक्टिस के बहाने अपने फ्लैट पर बुलाया था। आरोप है कि वहां उसने खुद को आधुनिक विचारों वाला दिखाने के लिए शराब पी और छात्रा पर भी शराब पीने का दबाव बनाया।

पीड़िता के आरोप के मुताबिक, नशे की स्थिति में उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। बाद में शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए गए।

इस दौरान उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए जाने का भी आरोप है।

जांच में दावा किया गया कि इन निजी तस्वीरों और वीडियो का

इस्तेमाल छात्रा को डराने तथा ब्लैकमेल करने के लिए किया गया। पुलिस

इस मामले में डिजिटल उपकरणों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

शारिक खान पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप

इस मामले में आरोपी डॉक्टर के कथित सहयोगी शारिक खान का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार,

उस पर निकाह और धर्म परिवर्तन से जुड़े दस्तावेज तैयार करने में मदद करने का आरोप है।

जांच में दावा किया गया कि शारिक और रमीज के बीच पुराने संबंध थे।

दोनों परिवारों की भी जान-पहचान बताई गई है। आरोप है कि शारिक ने

एक महिला डॉक्टर के निकाह से जुड़े दस्तावेज तैयार करने में भूमिका निभाई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉक्टर और उसके सहयोगी विदेश जाने की तैयारी भी कर रहे थे।

हालांकि, इस कथित योजना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और कानूनी पुष्टि जरूरी है।

KGMU में छात्राओं की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल

इस मामले ने मेडिकल संस्थानों में महिला डॉक्टरों और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर

गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा के दौरान छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है।

यदि किसी छात्रा को यौन शोषण, धमकी, ब्लैकमेलिंग या किसी भी प्रकार के दबाव का

सामना करना पड़ता है, तो उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

जांच में संस्थान के भीतर शिकायतों के निस्तारण और कुछ कर्मचारियों की

भूमिका से जुड़े अन्य आरोप भी सामने आए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच रिपोर्ट पर

विचार करने के लिए विशेष कार्य परिषद की बैठक बुलाने की प्रक्रिया शुरू की है।

फिलहाल मामले में पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां आरोपों, बयानों

, दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

मामले में किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि अदालत के निर्णय के बाद ही मानी जाएगी

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. KGMU धर्मांतरण मामले में आरोपी डॉक्टर पर क्या आरोप हैं?

आरोपी डॉक्टर पर महिला डॉक्टरों को शादी का झांसा देने, यौन शोषण,

धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोप हैं।

2. आरोपी के माता-पिता पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

जांच में आरोप सामने आए हैं कि उन्होंने मेडिकल छात्राओं को प्रभावित करने और

उनकी पढ़ाई छुड़वाने के प्रयास में भूमिका निभाई।

3. शारिक खान का नाम क्यों सामने आया?

उस पर निकाह और धर्म परिवर्तन से जुड़े कथित दस्तावेज तैयार करने में मदद करने का आरोप है।

4. क्या मामले में डिजिटल साक्ष्य भी जांचे जा रहे हैं?

हां, पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, निजी तस्वीरों, वीडियो और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

5. क्या सभी आरोप साबित हो चुके हैं?

नहीं। ये जांच और शिकायतों में सामने आए आरोप हैं। दोषसिद्धि का फैसला अदालत ही करेगी।

6. मामले की जांच कौन कर रहा है?

उत्तर प्रदेश STF और संबंधित पुलिस एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं।

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