गोरखपुर में लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा में सीएम योगी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | 5 नवंबर 2026

गोरखपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान पदयात्रा के जरिए लोकतंत्र, सुशासन और राजनीतिक मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।

मुख्य समाचार

गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रही। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साथ पदयात्रा का नेतृत्व किया। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

कार्यक्रम का आयोजन गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज परिसर में किया गया। यहां पहले जनसभा हुई, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं ने हिस्सा लिया। जनसभा के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पदयात्रा शुरू हुई। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से सरदार पटेल की प्रतिमा तक निकली पदयात्रा

पदयात्रा की शुरुआत महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से हुई। यहां से यात्रा गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंची। लगभग डेढ़ किलोमीटर की इस पदयात्रा के दौरान जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने नेताओं का स्वागत किया। आयोजन मार्ग पर स्वागत के लिए 18 स्थान बनाए गए थे। पार्टी के झंडों और बैनरों से आसपास का क्षेत्र सजाया गया था।

पदयात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कदम से कदम मिलाकर चलते दिखाई दिए। कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी ने अपने संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं की एकजुटता प्रदर्शित की।

12 जिलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लिया हिस्सा

इस आयोजन में गोरखपुर क्षेत्र के 12 जिलों से भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के अलावा निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

भाजपा ने इस पदयात्रा को लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता अभियान के रूप में प्रस्तुत किया। पार्टी का आरोप रहा है कि विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के विरोध में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ का संदेश लेकर यह आयोजन किया गया।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को भाजपा की राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी और मुख्यमंत्री के साथ उनकी संयुक्त भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष महत्व दिया।

पार्टी नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने, जनता के बीच पहुंचने और सरकार की नीतियों एवं उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। पदयात्रा में कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने पूर्वांचल में पार्टी की संगठनात्मक सक्रियता को भी सामने रखा।

पदयात्रा के बाद भी जारी रहा नेताओं का कार्यक्रम

पदयात्रा के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का गोरखपुर में संगठनात्मक बैठकों और संवाद कार्यक्रमों का कार्यक्रम भी निर्धारित था।

इसमें प्रबुद्ध वर्ग, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संवाद शामिल रहा।

इसके अलावा प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर पर संगठन की आगामी रणनीति को लेकर भी चर्चा प्रस्तावित थी।

कुल मिलाकर गोरखपुर की यह पदयात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही,

बल्कि इसके जरिए भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने कार्यकर्ताओं में सक्रियता।

संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया।

हेडिंग

1 गोरखपुर में नितिन नवीन और सीएम योगी ने संभाली पदयात्रा की कमान

2 महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से गोलघर तक पहुंची यात्रा

3 12 जिलों के कार्यकर्ताओं ने दिखाई संगठनात्मक एकजुटता

4 यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा की सक्रियता तेज

महत्वपूर्ण तथ्य एवं विवरण

  • कार्यक्रम: लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा।
  • स्थान: महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, गोरखपुर।
  • तिथि: 4 नवंबर 2026।
  • प्रमुख नेता: नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
  • प्रदेश अध्यक्ष: पंकज चौधरी।पदयात्रा की दूरी: लगभग डेढ़ किलोमीटर।
  • प्रारंभ स्थल: महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज।
  • समापन स्थल: गोलघर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के पास।
  • स्वागत स्थल: मार्ग पर 18 स्थान।
  • भागीदारी: गोरखपुर क्षेत्र के 12 जिलों के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी।
  • राजनीतिक संदर्भ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027।

नेताओं का बयान एवं राजनीतिक संदेश

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदयात्रा के दौरान विपक्षी दलों,

विशेषकर समाजवादी पार्टी की राजनीति की आलोचना की और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की वापसी का विश्वास जताया।

पार्टी नेतृत्व ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का संदेश दिया।

यह आयोजन भाजपा की ओर से विपक्ष के आरोपों और राजनीतिक अभियानों के जवाब में आयोजित किया गया था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1: गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा कब निकाली गई?

जवाब: यह पदयात्रा 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में आयोजित की गई।

सवाल 2: पदयात्रा में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?

जवाब: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

सवाल 3: पदयात्रा कहां से कहां तक निकाली गई?

जवाब: पदयात्रा महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंची।

सवाल 4: पदयात्रा में कितने जिलों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया?

जवाब: गोरखपुर क्षेत्र के 12 जिलों से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

सवाल 5: इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?

जवाब: भाजपा ने इसे लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के प्रति जागरूकता तथा विपक्ष की राजनीति के विरोध में आयोजित अभियान बताया।

निष्कर्ष

गोरखपुर में आयोजित यह पदयात्रा भाजपा के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही।

नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संयुक्त भागीदारी ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की सक्रियता को दर्शाया।