उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र से किशोरियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। कसमंडी कला इलाके के एक गांव में कक्षा 11 में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का आरोप है कि गांव का ही एक युवक करीब छह महीने से छात्रा को परेशान कर रहा था। इसकी शिकायत पुलिस से किए जाने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसके बाद कसमंडी कला चौकी प्रभारी विवेक कुमार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, छात्रा के पिता की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी हंस कुमार, उसके भाई विनय कुमार, पिता श्याम कुमार और मां राम लल्ली के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
छह महीने से परेशान करने का आरोप, स्कूल जाते समय करता था पीछा
छात्रा के पिता के मुताबिक, गांव का रहने वाला हंस कुमार उनकी बेटी को लंबे समय से परेशान कर रहा था। आरोप है कि स्कूल से लौटते समय युवक छात्रा के साथ छेड़छाड़ करता और उसका पीछा करता था। विरोध करने पर भी उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं।
पिता का कहना है कि करीब छह महीने पहले उन्होंने इस संबंध में आरोपी के परिवार से शिकायत की थी। आरोप है कि इस दौरान आरोपी और उसके परिजनों ने उनके साथ मारपीट की। 20 मई को पिता पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। इस मामले में भी पुलिस से शिकायत की गई थी।
परिवार ने बेटी की सुरक्षा को देखते हुए उसे अकेले स्कूल भेजना बंद कर दिया था। उसे ई-रिक्शा से स्कूल भेजने की व्यवस्था की गई, लेकिन पिता का आरोप है कि इसके बावजूद युवक उसका पीछा करता रहा और परेशान करता था।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का पिता ने लगाया आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि युवक की लगातार हरकतों से परेशान होकर उन्होंने पुलिस चौकी और थाने में कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
पिता के अनुसार, 13 अक्टूबर को भी छात्रा के साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट की घटना हुई थी। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन परिवार का आरोप है कि आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पिता ने यह भी आरोप लगाया कि युवक उनकी बेटी को जबरन अपने साथ ले जाने का दबाव बनाता था और परिवार को धमकाता था। लगातार उत्पीड़न और डर के माहौल से छात्रा परेशान थी।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मई में दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और उस समय समझौता हो गया था। पुलिस के अनुसार, शिकायतों और उनके निस्तारण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
घर लौटे माता-पिता तो बेटी को मृत अवस्था में पाया
सोमवार दोपहर छात्रा के माता-पिता किसी काम से बैंक गए हुए थे। करीब दोपहर 12 बजे जब वे घर लौटे तो बेटी कमरे में अचेत अवस्था में मिली। परिवार के लोग उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। एक किशोरी की मौत से गांव में शोक का माहौल है।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
छात्रा के पिता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, चौकी प्रभारी विवेक कुमार निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच कराई।
डीसीपी उत्तरी अमित आनंद के अनुसार, छात्रा के पिता की
शिकायत के आधार पर हंस कुमार, उसके भाई विनय कुमार, पिता श्याम कुमार और मां
राम लल्ली के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी हंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
प्रारंभिक जांच में कसमंडी कला चौकी प्रभारी विवेक कुमार की भूमिका में लापरवाही सामने आने के बाद
उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
बेटियों की सुरक्षा और पुलिस शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
लखनऊ की इस घटना ने एक बार फिर किशोरियों की सुरक्षा और पुलिस थानों में
शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि
यदि उनकी शिकायतों पर समय रहते गंभीरता से कार्रवाई होती तो शायद स्थिति इतनी दुखद नहीं होती।
इस मामले में पुलिस की जिम्मेदारी केवल प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपी की
गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। शिकायत मिलने के बाद की गई कार्रवाई, संबंधित पुलिसकर्मियों की
भूमिका और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय जांच में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी सामने आती है।
साथ ही अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ पुलिस की आगे की कार्रवाई क्या होती है।
यह घटना समाज और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है कि
नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और
किसी भी तरह की छेड़छाड़, धमकी या उत्पीड़न की शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. लखनऊ में छात्रा की आत्महत्या का मामला कहां का है?
यह मामला लखनऊ जिले के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कला इलाके के एक गांव का है।
2. छात्रा किस कक्षा में पढ़ती थी?
छात्रा कक्षा 11 में पढ़ती थी। रिपोर्ट में उसकी उम्र 14 वर्ष बताई गई है।
3. परिवार ने किस पर परेशान करने का आरोप लगाया है?
परिवार ने गांव के युवक हंस कुमार और उसके परिजनों पर
छात्रा को परेशान करने तथा उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
4. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में
प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपी हंस कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
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