लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सआदतगंज तिहरे हत्याकांड से जुड़े मामले में अब आरोपी ऋषभ शुक्ला के मकान की जमीन को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की सर्वे रिपोर्ट पर सबकी नजर है। मकान की पैमाइश के बाद तैयार की जा रही रिपोर्ट सोमवार को एलडीए अधिकारियों को सौंपी जा सकती है। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मकान के निर्माण में नजूल भूमि या सड़क की जमीन का कोई हिस्सा शामिल है या नहीं।
प्रशासन की ओर से मकान और उसके आसपास स्थित भवनों की जमीन की पैमाइश कराई गई थी। इसके लिए ईटीएस (ETS) मशीन का इस्तेमाल किया गया। सर्वे में जुटाए गए आंकड़ों का संबंधित राजस्व और प्राधिकरण के दस्तावेजों से मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही जमीन की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
ईटीएस मशीन से हुई मकान और आसपास की जमीन की पैमाइश
सआदतगंज तिहरे हत्याकांड के आरोपी ऋषभ शुक्ला के मकान को लेकर जमीन संबंधी जांच की जा रही है। एलडीए की टीम ने मकान के साथ आसपास स्थित भवनों की भी पैमाइश कराई, ताकि सीमाओं और जमीन के इस्तेमाल का सही आकलन किया जा सके।
इस सर्वे के लिए आधुनिक ईटीएस मशीन का उपयोग किया गया। मशीन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर मकान की वास्तविक सीमा, आसपास की जमीन और सड़क की निर्धारित चौड़ाई का मिलान किया जाएगा।
शनिवार तक सर्वे की रिपोर्ट पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी थी। अब सोमवार को रिपोर्ट एलडीए के संबंधित अधिकारियों को सौंपे जाने की संभावना है।
नजूल और सड़क की जमीन पर कब्जे की होगी जांच
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आरोपी के मकान का कोई हिस्सा नजूल भूमि या सार्वजनिक सड़क की जमीन पर तो नहीं बना है। सर्वे रिपोर्ट में इन दोनों बिंदुओं की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नजूल भूमि ऐसी सरकारी जमीन होती है, जिसका स्वामित्व सरकार के पास रहता है और जिसका प्रबंधन निर्धारित नियमों के तहत किया जाता है। वहीं सड़क की जमीन सार्वजनिक आवागमन के लिए निर्धारित होती है। यदि किसी निर्माण में
ऐसी जमीन का अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
एलडीए की टीम सर्वे में प्राप्त आंकड़ों का उपलब्ध नक्शों, अभिलेखों और
अन्य दस्तावेजों से मिलान करेगी। इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि मकान की
सीमा निर्धारित जमीन के भीतर है या किसी सार्वजनिक अथवा सरकारी भूमि का हिस्सा उसमें शामिल है।
पहले एलडीए ने गिराई थी मकान की दीवार
इस मामले में एलडीए पहले भी कार्रवाई कर चुका है। जानकारी के अनुसार,
मकान की एक दीवार को गिराया गया था। आरोप था कि दीवार का निर्माण सड़क की जमीन पर किया गया है।
अब विस्तृत पैमाइश के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि
निर्माण की वास्तविक स्थिति क्या है और जमीन के अभिलेखों के अनुसार मकान की सीमा कहां तक होनी चाहिए।
सर्वे रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पहले की गई कार्रवाई के
पीछे जमीन संबंधी कौन-से तथ्य थे और आगे किसी अतिरिक्त कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।
तिहरे हत्याकांड के बीच जमीन की रिपोर्ट पर टिकी नजरें
सआदतगंज का तिहरे हत्याकांड पहले से ही राजधानी में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब आरोपी ऋषभ शुक्ला के मकान से जुड़ी जमीन की जांच ने मामले को एक और महत्वपूर्ण मोड़ दे दिया है।
हालांकि, मकान की जमीन को लेकर होने वाली जांच और तिहरे हत्याकांड की आपराधिक
जांच अलग-अलग विषय हैं। जमीन संबंधी रिपोर्ट से निर्माण और भूमि की स्थिति स्पष्ट हो सकती है,
लेकिन इससे आपराधिक मामले में आरोपों की पुष्टि या दोष तय नहीं होता।
फिलहाल एलडीए की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में नजूल भूमि, सड़क की जमीन और
मकान की सीमाओं को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
निष्कर्ष: सआदतगंज तिहरे हत्याकांड के आरोपी ऋषभ शुक्ला के मकान की
ईटीएस मशीन से कराई गई पैमाइश की रिपोर्ट सोमवार को
सामने आने की संभावना है। दस्तावेजों से आंकड़ों का मिलान होने के बाद ही
नजूल और सड़क की जमीन से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. सआदतगंज तिहरे हत्याकांड में LDA किसकी रिपोर्ट तैयार कर रहा है?
एलडीए आरोपी ऋषभ शुक्ला के मकान और उसके आसपास की जमीन की पैमाइश रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
2. मकान की पैमाइश किस मशीन से कराई गई?
जमीन की माप के लिए ईटीएस (ETS) मशीन का इस्तेमाल किया गया।
3. सर्वे में किन बातों की जांच होगी?
मकान की वास्तविक सीमा, नजूल भूमि और सड़क की जमीन से संबंधित स्थिति की जांच होगी।
4. एलडीए ने पहले क्या कार्रवाई की थी?
जानकारी के अनुसार, सड़क की जमीन पर दीवार बनाने के आरोप के बाद एलडीए ने मकान की दीवार गिराई थी।
5. सर्वे रिपोर्ट कब आने की संभावना है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सोमवार को रिपोर्ट एलडीए अधिकारियों को सौंपे जाने की संभावना है।
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