राष्ट्रीय एकता दिवस पर सीएम योगी का संदेश, प्रदेशवासियों से ‘रन फॉर यूनिटी’ में शामिल होने की अपील

लखनऊ। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जिस राष्ट्रीय एकात्मता के लिए सरदार पटेल ने अपना जीवन समर्पित किया, उसे अक्षुण्ण बनाए रखना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से ‘रन फॉर यूनिटी’ में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और एकता की प्रेरणा देता है। आधुनिक भारत के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प मजबूत करने का संदेश

सीएम योगी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता में होती है। जब देश के नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं, तभी मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण संभव होता है। उन्होंने सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री के अनुसार राष्ट्रीय एकता केवल किसी विशेष दिवस तक सीमित रहने वाला विचार नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे प्रत्येक नागरिक के व्यवहार और जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक समरसता पर भी रखी बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में तुष्टीकरण, जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति ने समाज को बांटने का काम किया और सामाजिक समरसता प्रभावित हुई।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की सरकार ने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को सुशासन का आधार बनाया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सुशासन के माध्यम से सामाजिक समरसता को मजबूत करने और

सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने की अपील

राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ को मुख्यमंत्री ने

जनभागीदारी का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और

आम नागरिकों से इस आयोजन में उत्साह के साथ शामिल होने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एकता दौड़ में उठाया गया प्रत्येक कदम देश की

अखंडता के प्रति समर्पण का प्रतीक होना चाहिए। इस तरह के आयोजनों से लोगों में राष्ट्रप्रेम,

आपसी सद्भाव और एकजुटता की भावना को प्रोत्साहन मिलता है।

31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

भारत में हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर

राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। सरदार पटेल को देश के एकीकरण में

उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है।

आजादी के बाद अनेक रियासतों के भारत में विलय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में उनकी

भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। राष्ट्रीय एकता दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, एकता की शपथ,

जागरूकता अभियान और ‘रन फॉर यूनिटी’ जैसे आयोजन किए जाते हैं।

एकता और अखंडता बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी

राष्ट्रीय एकता दिवस का संदेश देश की विविधता में एकता की भावना को मजबूत करना है।

भारत में अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और समुदाय हैं,

लेकिन देश की एकता सभी नागरिकों को एक सूत्र में जोड़ती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील का उद्देश्य भी लोगों को सरदार पटेल के विचारों और

राष्ट्रीय एकता के महत्व से जोड़ना है। एकता दौड़ जैसे आयोजनों के माध्यम से नागरिकों को

यह संदेश दिया जाता है कि देश की एकता, अखंडता और

सुरक्षा बनाए रखना केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

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