UP Cabinet Meeting 2026: योगी कैबिनेट में 22 प्रस्तावों पर मुहर, चार लिंक एक्सप्रेसवे और साइबर सुरक्षा केंद्र को मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विकास, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन, शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, मैनपुरी सैनिक स्कूल के विस्तार, साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर और रोबोटिक्स पार्क जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

इसके अलावा लखनऊ-हरदोई में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क, प्रयागराज में हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए आवास और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास तथा लखनऊ और वाराणसी की सीवरेज एवं पेयजल परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

मैनपुरी सैनिक स्कूल को मिलेगी 9.524 हेक्टेयर जमीन

कैबिनेट ने मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस जमीन का उपयोग स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा।

अतिरिक्त भूमि मिलने से विद्यालय में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आवश्यक सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज

कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसलों में माध्यमिक शिक्षा, संस्कृत शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी शामिल है।

इस सुविधा के तहत पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को निर्धारित नियमों के अनुसार इलाज का लाभ मिल सकेगा। इससे कर्मचारियों को गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में इलाज के खर्च का आर्थिक दबाव कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

योजना का वास्तविक लाभ पात्रता, निर्धारित अस्पतालों और सरकार की ओर से जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार मिलेगा।

चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी

उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से अलग-अलग क्षेत्रों को प्रमुख एक्सप्रेसवे और आर्थिक केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रस्तावित परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे: फर्रुखाबाद और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए।
  • आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला लिंक: प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए।
  • झांसी लिंक एक्सप्रेसवे: बुंदेलखंड क्षेत्र की आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए।
  • जेवर लिंक एक्सप्रेसवे: जेवर क्षेत्र और आसपास के विकास क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए।

इन परियोजनाओं से यात्रा, माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। हालांकि, परियोजनाओं के निर्माण की समयसीमा और अन्य विवरण संबंधित विभागों की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।

झांसी और ललितपुर में अनाज भंडारण क्षमता बढ़ेगी

कैबिनेट ने झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में अनाज भंडारण की व्यवस्था को मजबूत करना है।

प्रस्तावित क्षमता के अनुसार, झांसी में लगभग 30 हजार मीट्रिक टन और ललितपुर में लगभग 35 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना है। दोनों जिलों में कुल मिलाकर लगभग 65 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त क्षमता तैयार करने का लक्ष्य है।

इससे कृषि उपज के भंडारण और जरूरत के अनुसार उसके प्रबंधन में सहायता मिल सकती है।

IIT कानपुर के सहयोग से बनेगा साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर

डिजिटल सेवाओं और सरकारी प्रणालियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए आईआईटी कानपुर के साइबर सुरक्षा नवाचार केंद्र C3iHub की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा।

इस केंद्र का उद्देश्य सरकारी डिजिटल ढांचे पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करना और साइबर हमलों की पहचान तथा उनसे निपटने की क्षमता बढ़ाना है।

डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ सरकारी डेटा, ऑनलाइन एप्लिकेशन और महत्वपूर्ण सूचना प्रणालियों की सुरक्षा भी जरूरी हो गई है। प्रस्तावित केंद्र इस दिशा में राज्य की तकनीकी क्षमता को मजबूत कर सकता है।

लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में बनेगा PM मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क

औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में लगभग 1,000 एकड़ में प्रस्तावित पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इस परियोजना का उद्देश्य कपड़ा उद्योग से संबंधित गतिविधियों को एक बड़े औद्योगिक परिसर में विकसित करना है। टेक्सटाइल पार्क के माध्यम से विनिर्माण, प्रसंस्करण, आपूर्ति श्रृंखला और संबंधित व्यवसायों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

परियोजना आगे बढ़ने के साथ क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। वास्तविक लाभ परियोजना के क्रियान्वयन, निवेश और स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों पर निर्भर करेगा।

उत्तर प्रदेश में स्थापित होगा PRAGATI रोबोटिक्स पार्क

कैबिनेट ने प्रदेश में PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

रोबोटिक्स का उपयोग उद्योग, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे पार्क से तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और निवेश को बढ़ावा देने की संभावनाएं बन सकती हैं।

हालांकि, पार्क के स्थान, निर्माण कार्यक्रम और संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग की आगामी घोषणाओं से स्पष्ट होगी।

GCC नीति-2024 और विदेशी निवेश को बढ़ावा

बैठक में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और वैश्विक कंपनियों के निवेश से संबंधित सशक्त समिति के फैसलों को मंजूरी दी गई। साथ ही उत्तर प्रदेश की ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों पर भी निर्णय लिया गया।

GCC के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियां तकनीकी सेवाओं, अनुसंधान, वित्तीय संचालन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए केंद्र स्थापित करती हैं। राज्य में ऐसे निवेश बढ़ने से उच्च कौशल वाले रोजगार और आधुनिक व्यावसायिक सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं।

प्रयागराज में हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 आवास

प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को

वित्तीय मंजूरी दी गई। इस फैसले से संबंधित आवासीय सुविधाओं के विकास का रास्ता आगे बढ़ेगा।

इसके अतिरिक्त प्रयागराज में ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास निर्माण से

जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में शामिल रहे। महिला छात्रावास से कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और

सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026

प्रदेश में अंतर्देशीय जल परिवहन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय

जलयान नियमावली-2026 के प्रख्यापन का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल रहा।

इस तरह के नियमों के माध्यम से जलयानों के पंजीकरण, संचालन और

सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। नियमावली लागू होने पर

जल परिवहन से जुड़े लोगों और संबंधित संस्थाओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

लखनऊ और वाराणसी की सीवरेज एवं पेयजल परियोजनाएं

बैठक में लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज तथा पेयजल से जुड़ी

सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

इन परियोजनाओं का संबंध शहरी बुनियादी सुविधाओं और जल प्रबंधन से है।

सीवरेज व्यवस्था में सुधार से गंदे पानी के प्रबंधन में मदद मिल सकती है,

जबकि पेयजल परियोजनाओं से शहरों में जलापूर्ति व्यवस्था को

बेहतर बनाने का लक्ष्य रहता है। इन प्रस्तावों की स्वीकृत लागत, कार्यक्षेत्र और

समयसीमा से संबंधित विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों के आदेशों के अनुसार स्पष्ट होगी।

पशुधन मिशन से जुड़े प्रस्ताव पर भी फैसला

कैबिनेट बैठक में राज्य पशुधन मिशन से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। पशुपालन ग्रामीण

अर्थव्यवस्था और किसानों की आय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य पशुधन प्रबंधन,

पशुपालकों की सहायता और संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहित करना हो सकता है।

योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ और पात्रता की जानकारी संबंधित विभाग की विस्तृत अधिसूचना से स्पष्ट होगी।

निष्कर्ष: विकास, निवेश और तकनीक पर सरकार का जोर

उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में मंजूर 22 प्रस्तावों में सड़क संपर्क,

शिक्षा कर्मचारियों के स्वास्थ्य लाभ, कृषि भंडारण, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स,

औद्योगिक निवेश और शहरी सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

चार लिंक एक्सप्रेसवे, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर और

PRAGATI रोबोटिक्स पार्क जैसी योजनाएं राज्य के बुनियादी ढांचे और

तकनीकी क्षमता को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम हो सकती हैं।

अब इन फैसलों का वास्तविक प्रभाव संबंधित

परियोजनाओं के क्रियान्वयन, बजट और समयबद्ध प्रगति पर निर्भर करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कितने प्रस्ताव मंजूर हुए?
27 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

2. कौन-कौन से चार लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हैं?
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला लिंक, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे।

3. किन कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला हुआ?
माध्यमिक, संस्कृत और बेसिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा

उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित प्रस्ताव मंजूर किया गया।

4. मैनपुरी सैनिक स्कूल को कितनी जमीन मिलेगी?
सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

5. IIT कानपुर के C3iHub की मदद से क्या स्थापित होगा?
उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के लिए C3iHub की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा।

6. PM मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क कहां विकसित होगा?
यह पार्क लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में लगभग 1,000 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है।

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