राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | 28 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त सक्रिय पत्रकारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की मांग उठी है। क्रांतिकारी पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय पांडेय ने सूचना निदेशक, उत्तर प्रदेश शासन को पत्रक सौंपकर जिला और तहसील स्तर पर कार्यरत पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की है।
मुख्य समाचार
गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की मांगगोरखपुर में क्रांतिकारी पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय पांडेय ने प्रदेश के गैर मान्यता प्राप्त सक्रिय पत्रकारों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सूचना निदेशक, उत्तर प्रदेश शासन को पत्रक देकर मांग की है कि जिले और तहसील स्तर पर काम करने वाले ऐसे पत्रकारों को भी आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ देने पर विचार किया जाए, जो नियमित रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें सरकारी मान्यता प्राप्त नहीं है।
विजय पांडेय का कहना है कि पत्रकार लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक हैं। वे जनता की समस्याओं को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों, भ्रष्टाचार, अपराध और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को सामने लाने का काम करते हैं। इस दौरान उन्हें कई बार जोखिम भरी परिस्थितियों में भी काम करना पड़ता है।

सीमित संसाधनों में काम करते हैं जिला और तहसील स्तर के पत्रकार
पत्रक में पत्रकारों की कार्य परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर सक्रिय अनेक पत्रकार सीमित संसाधनों के बीच काम करते हैं। उन्हें क्षेत्र में होने वाली घटनाओं की जानकारी जुटाने, पीड़ितों की समस्याएं सामने लाने और प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार दौरा करना पड़ता है।
कई बार पत्रकारों को देर रात तक घटनास्थल पर रहना पड़ता है। दुर्घटनाओं, आपराधिक घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में समाचार संकलन के दौरान उनकी सुरक्षा भी चुनौती बन जाती है। इसके बावजूद वे जनता तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाते हैं।
विजय पांडेय ने इसी संदर्भ में कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि पत्रकारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध होने से कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले लोगों को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिल सकता है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने की अपील
क्रांतिकारी पत्रकार एसोसिएशन की मांग है कि केवल मान्यता प्राप्त पत्रकारों तक ही स्वास्थ्य सुविधाओं को सीमित रखने के बजाय पात्रता के आधार पर गैर मान्यता प्राप्त सक्रिय पत्रकारों को भी योजना से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि पत्रकार की भूमिका का आकलन उसके वास्तविक कार्य, सक्रियता और समाज के प्रति योगदान को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। जिला और तहसील स्तर पर काम करने वाले पत्रकार भी जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यवस्था पर सकारात्मक पहल की जरूरत है।
हालांकि, गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने के संबंध में सरकार की ओर से किसी नए निर्णय, पात्रता नियम या समयसीमा की जानकारी इस मांग के आधार पर सामने नहीं आई है।
योजना का लाभ संबंधित सरकारी नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार ही मिलता है।
पत्रकारों के हित में नीतिगत पहल की जरूरत
पत्रकार संगठनों का मानना है कि पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग द्वारा पत्रकार को लाभ
दुर्घटना सहायता और सामाजिक संरक्षण जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
विशेष रूप से छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों के सामने आर्थिक संसाधनों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां हो सकती हैं।
यदि सरकार इस विषय पर कोई नीतिगत पहल करती है, तो उसके लिए पात्रता के स्पष्ट मानक अनुसार।
पत्रकारिता में सक्रियता का सत्यापन और लाभार्थियों की पहचान की पारदर्शी व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
इससे वास्तविक रूप से कार्यरत पत्रकारों तक सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल विजय पांडेय द्वारा उठाई गई मांग का मुख्य उद्देश्य गैर मान्यता प्राप्त को मिले लाभ।
सक्रिय पत्रकारों के स्वास्थ्य संबंधी हितों को सरकार के सामने रखना चाहिए।
स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने पर विचार कराने का है।
Facts/Details
- मांग उठाने वाले: विजय पांडेय।
- पद: प्रदेश अध्यक्ष, क्रांतिकारी पत्रकार एसोसिएशन।
- स्थान: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
- संबंधित विभाग: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश शासन।
- मुख्य मांग: गैर मान्यता प्राप्त सक्रिय पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने पर विचार किया जाए।
- लक्षित वर्ग: जिला और तहसील स्तर पर कार्यरत सक्रिय पत्रकार।
- मांग का उद्देश्य: पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक जोखिम कम करने की दिशा में पहल।
- वर्तमान स्थिति: उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह मांग पत्रक के माध्यम से उठाई गई है।
- इसे सरकारी मंजूरी या योजना में बदलाव का आदेश नहीं माना जाना चाहिए।
Statement
विजय पांडेय ने अपने पत्रक में कहा कि पत्रकार अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना।
जनता की समस्याओं और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करते हैं।
वे सीमित संसाधनों में भी शासन की योजनाओं, भ्रष्टाचार, अपराध और विकास कार्यों की खबरें को
जुटाकर लोकतंत्र को मजबूत करने में योगदान देते हैं।
ऐसे में जोखिम भरे क्षेत्रों में काम करने वाले गैर मान्यता प्राप्त सक्रिय पत्रकारों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने पर सरकार को विचार करना चाहिए।
FAQ
1. गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए क्या मांग की गई है?
गैर मान्यता प्राप्त सक्रिय पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़कर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ देने की मांग की गई है।
2. यह मांग किसने उठाई है?
क्रांतिकारी पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय पांडेय ने यह मांग उठाई है।
3. किस अधिकारी को पत्रक दिया गया है?
विजय पांडेय ने सूचना निदेशक, उत्तर प्रदेश शासन को पत्रक सौंपा है।
4. क्या सभी गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अभी आयुष्मान कार्ड मिलना शुरू हो गया है?
ऐसी किसी नई सरकारी मंजूरी या सार्वभौमिक पात्रता की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
लाभ सरकारी योजना के लागू नियमों और पात्रता पर निर्भर करता है।
5. इस मांग का उद्देश्य क्या है?
जिला और तहसील स्तर पर सक्रिय पत्रकारों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक जोखिम से राहत दिलाने के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में शामिल करने की मांग करना।
Conclusion
गैर मान्यता प्राप्त सक्रिय पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की मांग ने पत्रकारों की स्वास्थ्य सुरक्षा का मुद्दा सामने रखा है।
अब इस विषय पर सरकार की संभावित पहल और आधिकारिक निर्णय पर नजर रहेगी।
गोरखपुर में गैर मान्यता प्राप्त सक्रिय पत्रकारों को आयुष्मान कार्ड का लाभ।
क्रांतिकारी पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय पांडेय।